जयपुर, 20 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में जल सुरक्षा को लेकर बड़े स्तर पर काम जारी है। प्रदेश में पेयजल और सिंचाई की जरूरतों को पूरा करने के लिए करीब 2 लाख करोड़ रुपये की जल परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी जून माह में संभावित पेयजल मांग को देखते हुए अभी से व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए। इसका उद्देश्य प्रदेशवासियों को पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना है। उन्होंने राजस्थान सम्पर्क पोर्टल 181 पर आने वाली जल आपूर्ति संबंधी शिकायतों के तत्काल निस्तारण के निर्देश भी दिए।

बीसलपुर और ईसरदा परियोजनाओं में तेजी
- मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौते
- और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना की समीक्षा की गई। इसके अलावा नर्मदा के अतिरिक्त
- मानसूनी जल, परवन परियोजना, धौलपुर लिफ्ट परियोजना और माही परियोजना पर भी चर्चा हुई।
- बैठक में करीब 19 हजार करोड़ रुपये की बीसलपुर-दौसा तथा ईसरदा-दौसा-जमवारामगढ़
- पाइपलाइन परियोजनाओं के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
- सरकार के अनुसार जल उपलब्धता बढ़ाने और पेयजल संकट के स्थायी समाधान के
- लिए करीब 2 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं संचालित हैं।
15.47 लाख परिवारों को मिले नल कनेक्शन
- राज्य सरकार के अनुसार पेयजल परियोजनाओं पर 24,415 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
- इनमें ग्रामीण पेयजल योजनाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर 13,163 करोड़ रुपये शामिल हैं।
- पिछले ढाई वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में 15.47 लाख से अधिक नए घरेलू नल कनेक्शन दिए गए हैं।
- वहीं, 9,093 गांवों में 100 प्रतिशत नल कनेक्शन कवरेज हासिल किया जा चुका है।
- शहरी क्षेत्रों में भी पेयजल ढांचे को मजबूत करने के लिए 20 जिलों में 3,431.66 करोड़ रुपये के 44 कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
9 हजार से ज्यादा हैंडपंप और 5 हजार ट्यूबवेल
- दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता बढ़ाने के लिए 9,044 नए हैंडपंप और 5,422 ट्यूबवेल स्थापित किए गए हैं।
- सरकार ने क्षेत्रीय जल संकट के दीर्घकालिक समाधान के लिए बड़ी
- और बहु-ग्राम पेयजल परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दी है।
- वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 32 बड़ी पेयजल परियोजनाओं के पैकेज पूरे किए जा चुके हैं।
- गर्मी के मौसम में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पीएचईडी ने 10 विशेष अभियान चलाए।
- विभाग के अनुसार 41 जिलों से प्राप्त आंकड़ों में 27,206 पेयजल संबंधी मामलों पर कार्रवाई की गई।
- इनमें हैंडपंप खराबी, पाइपलाइन लीकेज, कम दबाव और पानी नहीं पहुंचने जैसी शिकायतें शामिल थीं।
रामजल सेतु से 17 जिलों को मिलेगा लाभ
- रामजल सेतु लिंक परियोजना को राजस्थान की प्रमुख जल परियोजनाओं में शामिल किया गया है।
- करीब 92 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली
- इस परियोजना से 4.98 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित करने का लक्ष्य है।
- परियोजना से 17 जिलों में पेयजल और उद्योगों के लिए पानी उपलब्ध कराने की योजना है।
- सरकार के अनुसार इससे प्रदेश की करीब 40 प्रतिशत आबादी की पेयजल
- जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- नवनेरा बैराज और ईसरदा बांध का निर्माण पूरा हो चुका है।
- करीब 23,312 करोड़ रुपये की लागत से सात कार्य अभी प्रगति पर हैं।
- इनमें बैराज, पंप हाउस, फीडर सिस्टम, पाइपलाइन और जल हस्तांतरण से जुड़े कार्य शामिल हैं।
यमुना और किशाऊ परियोजनाओं पर भी काम
- यमुना जल परियोजना के तहत हरियाणा के साथ 29 जून 2026 को हुए समझौते के बाद
- धनावती कृत्रिम जलाशय के निर्माण के लिए 1,622.31 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
- इसकी निविदा प्रक्रिया जारी है।
- किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना के लिए 15 सितंबर 2026 को राजस्थान सहित छह राज्यों के बीच समझौता हुआ।
- करीब 15 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना में टौंस नदी पर 1,324 एमसीएम जल भंडारण क्षमता प्रस्तावित है।
- इसमें राजस्थान का आवंटन 134 एमसीएम है।
परवन और धौलपुर परियोजनाओं से सिंचाई विस्तार
- करीब 7,355 करोड़ रुपये की परवन परियोजना से कोटा, बारां
- और झालावाड़ के 571 गांवों में 2.01 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा प्रस्तावित है।
- इसके अलावा 1,402 गांवों में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
- धौलपुर लिफ्ट परियोजना से 256 गांवों में करीब 39,980 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलने की योजना है।
- धौलपुर और राजाखेड़ा तहसील के 190 गांवों के लिए पेयजल भी आरक्षित किया गया है।
- मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र में पीपलखूंट हाई लेवल कैनाल परियोजना पर 1,487.49 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
- इसके तहत 24 गांवों में करीब 5,127 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा देने का प्रस्ताव है।
- उदयपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ के 2,453 गांवों में पेयजल उपलब्ध कराने की योजना भी शामिल है।
इंदिरा गांधी नहर क्षेत्र में जल भंडारण
- इंदिरा गांधी मुख्य नहर पर चार एस्केप जलाशयों का निर्माण किया जा रहा है।
- इन जलाशयों में वर्षा के अतिरिक्त पानी को संग्रहित किया जाएगा।
- जरूरत के अनुसार इस पानी का इस्तेमाल पेयजल योजनाओं में किया जा सकेगा।
- इन जलाशयों से बीकानेर, नागौर, जैसलमेर, जोधपुर और बाड़मेर जिलों में पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
- सरकार के अनुसार अगस्त 2026 तक विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं पर 15,753 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
- इससे 1.42 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
- मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
- उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
- सरकार का लक्ष्य जल संरक्षण, पेयजल उपलब्धता और सिंचाई विस्तार के जरिए राजस्थान को जल सुरक्षित
- और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।
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Edited by – Riddhima


