गाँव मंच डेस्क, राजस्थान में राजस्थान जनजातीय शिक्षा अभियान सकारात्मक बदलाव ला रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शिक्षा को प्राथमिकता मिली है। आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा का मजबूत नेटवर्क तैयार हुआ है।
रिकॉर्ड नामांकन ने बनाया नया कीर्तिमान
- वर्ष 2026-27 में जनजातीय क्षेत्रों में रिकॉर्ड नामांकन दर्ज हुआ। कुल नामांकन 11 लाख 70 हजार 242 तक पहुंच गया। पिछले वर्ष की तुलना में 14 हजार 780 बच्चों की वृद्धि हुई।
- यह राजस्थान जनजातीय शिक्षा अभियान की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

ड्रॉपआउट बच्चों की हुई पहचान
- राज्य सरकार ने 63 लाख 26 हजार घरों का पेपरलेस सर्वे किया। इस सर्वे में 6 हजार 229 ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान हुई।
- इन बच्चों को ब्रिज कोर्स से विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जा रहा है। इससे शिक्षा से वंचित बच्चों को नई उम्मीद मिली है।
स्वीकृत नई सुविधाएं
| सुविधा | संख्या |
|---|---|
| आश्रम छात्रावास | 10 |
| आवासीय विद्यालय | 2 |
| खेल छात्रावास | 1 |
इन परियोजनाओं के लिए 64 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।
विद्यालयों का विवरण
| विद्यालय प्रकार | संख्या |
| प्राथमिक विद्यालय | 5,866 |
| उच्च प्राथमिक विद्यालय | 1,664 |
| उच्च माध्यमिक विद्यालय | 2,146 |
| संस्कृत विद्यालय | 141 |
इन विद्यालयों में 11 लाख 81 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं।
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Edited by- Riddhima


