गाँव मंच डेस्क, राजस्थान में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसी को देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लोगों को डिजिटल अरेस्ट ठगी से सावधान रहने की सलाह दी है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर जागरूकता अभियान चल रहा है।
सेवानिवृत्त अधिकारियों और वरिष्ठ नागरिकों को बना रहे निशाना
- अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह ने जानकारी दी।
- उन्होंने बताया कि ठग वरिष्ठ लोगों को ज्यादा निशाना बना रहे हैं।
- इनमें सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी, डॉक्टर और प्रोफेसर शामिल हैं। ठग फोन या वीडियो कॉल के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं।
- वे खुद को सीबीआई, ईडी या एटीएस अधिकारी बताते हैं। कई मामलों में कस्टम या दूसरी एजेंसी का नाम लेते हैं।

फर्जी वारंट और नोटिस से पैदा करते हैं डर
- डिजिटल अरेस्ट ठगी में ठग फर्जी दस्तावेज भेजते हैं। इनमें गिरफ्तारी वारंट और न्यायालय के नोटिस शामिल होते हैं।
- कई बार आरबीआई के नाम से भी नोटिस भेजे जाते हैं। ठग वीडियो कॉल पर फर्जी पुलिस स्टेशन दिखाते हैं।
- कुछ मामलों में सीबीआई कार्यालय जैसा सेटअप दिखाया जाता है। वर्दी पहने लोग भी वीडियो कॉल पर दिखाई देते हैं।
Edited by- Riddhima


