गांवमंच डेस्क | जयपुर
जयपुर में साहित्य, भाषा और पत्रकारिता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित राष्ट्रीय साहित्यिक संगोष्ठी ‘सबद साधना’ का आयोजन 8 और 9 अगस्त 2026 को किया जाएगा। यह दो दिवसीय आयोजन झालाना स्थित प्रौढ़ शिक्षण संस्थान में होगा, जिसमें देशभर से लगभग 65 से 70 साहित्यकार, कवि, पत्रकार और भाषा चिंतक भाग लेंगे।
कार्यक्रम का आयोजन अभ्युदय अंतरराष्ट्रीय संस्थान और राजस्थान फोरम के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है।

पहले दिन पत्रकारिता और साहित्य के संबंधों पर होगा विमर्श
संगोष्ठी के पहले दिन 8 अगस्त को ‘पत्रकारिता और साहित्य में अंतर्सम्बन्ध’ विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. के. श्रीनिवास राव मुख्य वक्तव्य देंगे।
इस महत्वपूर्ण विमर्श में:
- वरिष्ठ पत्रकार एवं व्यंग्यकार यशवंत व्यास
- डॉ. अमर नाथ ‘अमर’
अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम में पत्रकारिता और साहित्य के पारस्परिक प्रभाव, भाषा की संवेदनशीलता और समकालीन लेखन की चुनौतियों पर चर्चा होने की संभावना है।
दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का होगा विमोचन
‘प्रतिरोध’ का हिंदी अनुवाद
पुस्तक सत्र के अंतर्गत ‘द रेजिस्टेंस’ के हिंदी अनुवाद ‘प्रतिरोध – राजपूत, मराठा और सिखों का संघर्ष’ का विमोचन किया जाएगा।
यह पुस्तक औरंगजेब तथा उसके उत्तराधिकारियों के शासनकाल की ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित गाथाओं का संग्रह है। इसमें उन वीर पुरुषों के संघर्ष का वर्णन है जिन्होंने आत्मसम्मान, आस्था और जीवन शैली की रक्षा के लिए शक्तिशाली साम्राज्य के विरुद्ध निरंतर संघर्ष किया।
लेखक का विशेष परिचय
पुस्तक के लेखक लेफ्टिनेंट जनरल दलीप सिंह भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं। उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने इतिहास के उपेक्षित वीरों और साहसी व्यक्तित्वों के योगदान को सामने लाने का संकल्प लिया।
‘सोनचिड़ी’ कविता संग्रह का भी होगा लोकार्पण
संगोष्ठी में उषा राजश्री राठौड़ के कविता संग्रह ‘सोनचिड़ी’ का भी विमोचन किया जाएगा। यह सत्र समकालीन हिंदी कविता और संवेदनात्मक लेखन के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
नई कविता और छंदस पाठ का आयोजन
पहले दिन सभी सहभागियों के लिए नई कविता पाठ और छंदस पाठ का आयोजन भी रखा गया है। इससे युवा और वरिष्ठ रचनाकारों को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
दूसरे दिन भाषा और साहित्य पर केंद्रित विशेष सत्र
‘भाषा में लालित्य तत्त्व’ पर चर्चा
संगोष्ठी के दूसरे दिन 9 अगस्त को ‘भाषा में लालित्य तत्त्व’ विषय पर विशेष सत्र आयोजित होगा।
इस सत्र में:
- डॉ. शोभा सिंह – विद्यानिवास मिश्र के साहित्य पर
- संत कीनाराम त्रिपाठी – कुबेरनाथ राय के साहित्य पर
- डॉ. अमर नाथ ‘अमर’ – अज्ञेय साहित्य पर
अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
यह सत्र हिंदी भाषा की सौंदर्य चेतना, साहित्यिक लालित्य और भारतीय भाषाई परंपरा के विविध आयामों को समझने का अवसर प्रदान करेगा।
समापन सत्र में होगा सम्मान समारोह
- कार्यक्रम के समापन सत्र में वरिष्ठ साहित्यकार सूरज सिंह नेगी सभी सहभागियों को सम्मानित करेंगे।
- आयोजकों के अनुसार यह सम्मान साहित्य, भाषा और सांस्कृतिक चेतना के क्षेत्र में योगदान देने वाले रचनाकारों को समर्पित होगा।
देशभर से आएंगे साहित्यकार
- संयोजिका सुमन द्विवेदी ने बताया कि संगोष्ठी में दिल्ली, गुरुग्राम, बनारस, प्रयागराज, बैंगलोर, मुंबई, अहमदाबाद
- सहित राजस्थान के विभिन्न शहरों से साहित्यकार भाग लेंगे।
- इस आयोजन का उद्देश्य भाषा, साहित्य, पत्रकारिता और सांस्कृतिक विमर्श के बीच संवाद को मजबूत करना है।
साहित्य और भाषा जगत के लिए महत्वपूर्ण आयोजन
- ‘सबद साधना’ केवल एक साहित्यिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भाषा विमर्श, इतिहास चेतना, कविता, पत्रकारिता और
- सांस्कृतिक संवाद का साझा मंच बनने जा रहा है। दो दिनों तक चलने वाले विभिन्न सत्र
- हिंदी साहित्य के अध्येताओं, शोधार्थियों, पत्रकारों और रचनाकारों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
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https://sahitya-akademi.gov.in
Edited by – Riddhima


