जयपुर, 17 सितंबर 2026। राजस्थान में औद्योगिक भूमि के बेहतर उपयोग की दिशा में रीको ने बड़ा कदम उठाया है। रीको ने सरकारी संस्थाओं के लिए औद्योगिक भूखंड सरेंडर प्रक्रिया को आसान किया है। इसका उद्देश्य लंबे समय से अनुपयोगी पड़े भूखंडों को फिर औद्योगिक गतिविधियों में लाना है।
इसके लिए रीको डिस्पोजल ऑफ लैंड रूल्स, 1979 में आंशिक संशोधन किया गया है। नियम 18(जी)(2) में यह संशोधन किया गया है। इससे सरकारी विभागों और संस्थाओं को भूमि वापस करने का विकल्प मिलेगा।

सरकारी संस्थाओं के लिए विशेष प्रावधान
- नए प्रावधान में पीएसयू, निगम, बोर्ड और सोसायटी शामिल हैं।
- केंद्र और राज्य सरकार के विभाग भी इसके दायरे में आएंगे।
- इन्हें टोकन दर या रियायती दर पर भूमि आवंटित की गई थी।
- कई मामलों में निर्धारित उपयोग की शर्तों के कारण भूमि इस्तेमाल नहीं हो सकी।
- ऐसे मामलों में संस्थाओं को अब भूखंड सरेंडर करने का अवसर मिलेगा।
- इससे लंबे समय से अटकी भूमि को वापस लेने का रास्ता साफ होगा।
प्रचलित दर की 50 प्रतिशत राशि मिलेगी
- नए नियमों के तहत भूखंड सरेंडर करने पर रीको भुगतान करेगा।
- संबंधित संस्था को भूमि लागत की राशि दी जाएगी। यह राशि औद्योगिक क्षेत्र की प्रचलित आवंटन दर की 50 प्रतिशत होगी।
- इसके अलावा कुछ बकाया देयताओं में भी राहत मिलेगी।
- इसमें सर्विस चार्ज और इकोनॉमिक रेंट शामिल हैं। लैंड प्रीमियम पर रिबेट से संबंधित ब्याज में भी राहत का प्रावधान है।
एग्जिट पॉलिसी की कमी से आ रही थी परेशानी
- रीको ने कई संस्थाओं को निर्धारित उद्देश्यों के लिए भूमि आवंटित की थी।
- कुछ भूखंड निर्धारित उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं हो पाए।
- स्पष्ट एग्जिट पॉलिसी नहीं होने से सरेंडर में परेशानी थी।
- नए संशोधन से ऐसी संस्थाओं को स्वैच्छिक सरेंडर का विकल्प मिलेगा।
- इससे अनुपयोगी भूखंड रीको के पास वापस आ सकेंगे।
- इसके बाद इनका फिर से औद्योगिक उपयोग किया जा सकेगा।
कब्जा सौंपने के बाद होगा भुगतान
- नए नियमों में भुगतान को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है।
- रीको को भूखंड वापस करने पर राशि दी जाएगी। इसका भुगतान कब्जा सुपुर्द करने के बाद ही होगा।
- इस पहल से औद्योगिक भूमि के उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
- वापस आए भूखंड नए उद्यमियों को आवंटित किए जा सकेंगे।
- इससे निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिल सकती है।
- रीको की इस पहल से रोजगार के नए अवसर भी बनने की संभावना है।
- साथ ही राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
- औद्योगिक भूमि का बेहतर उपयोग इस प्रक्रिया का प्रमुख उद्देश्य है।
अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
https://riico.rajasthan.gov.in/
Edited by – Krishika Agrwal


