गाँव मंच डेस्क, राजस्थान अब टीबी मुक्त राजस्थान अभियान के तहत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आधुनिक तकनीक अपनाई गई है। राज्य सरकार ने जांच, उपचार और जागरूकता को एक साथ जोड़ा है। इससे टीबी मरीजों की पहचान पहले से अधिक तेज़ हुई है।
मुख्यमंत्री ने बताया जनआंदोलन
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि टीबी मुक्त राजस्थान अभियान केवल सरकारी योजना नहीं है। यह जन-जन का आंदोलन है।
- उन्होंने कहा कि हर नागरिक का सहयोग जरूरी है। राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत संकल्प को पूरा करने पर भी जोर दिया गया।

गांवों तक पहुंची डिजिटल जांच सुविधा
- प्रदेश में 137 हैंड हेल्ड डिजिटल एक्स-रे मशीनें काम कर रही हैं। ये मशीनें ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंच चुकी हैं।
- दूरस्थ क्षेत्रों में मौके पर चेस्ट एक्स-रे संभव हो रहा है। इससे संभावित टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान हो रही है।
- राजस्थान में 643 नाट मशीनों का नेटवर्क भी विकसित किया गया है। इससे टीबी की पुष्टि कम समय में हो रही है।
- ड्रग रेजिस्टेंट टीबी की पहचान भी तेजी से संभव हो रही है।
Edited by- Krishika Agarwal


