गावं मंच डेस्क, नई दिल्ली/जयपुर 14 मई। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान यमुना जल समझौता राजस्थान हरियाणा को अमलीजामा पहनाने के लिए महत्वपूर्ण चर्चा की। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी उपस्थित रहे।

समयसीमा तय कर जल्द पूरा होगा कार्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि हथिनीकुंड बैराज से राजस्थान के शेखावाटी अंचल (चूरू, सीकर, झुंझुनूं) तक पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाने की गाइडलाइन और समयसीमा तय कर ली गई है।
- संयुक्त डीपीआर (DPR): इस परियोजना की संयुक्त डीपीआर हरियाणा सरकार के साथ साझा की जा चुकी है, जिसे जल्द ही केंद्रीय जल आयोग (CWC) के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
- टैपिंग पॉइंट्स: हरियाणा सरकार द्वारा अधिकांश टैपिंग पॉइंट्स की सूचना दे दी गई है, जिससे डीपीआर की जांच प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

शेखावाटी को मिलेगा 577 एमसीएम पानी
उल्लेखनीय है कि 17 फरवरी 2024 को हुए एमओयू के तहत मानसून के दौरान (जुलाई से अक्टूबर) आवंटित यमुना जल को पाइपलाइन के जरिए राजस्थान लाया जाएगा।
- लाभ: इससे 577 एमसीएम पानी पेयजल और अन्य जरूरतों के लिए उपलब्ध होगा।
- भविष्य की योजना: रेणुकाजी, लखवार और किशाऊ परियोजनाओं के पूर्ण होने पर राजस्थान को सालभर पानी मिलता रहेगा।

RRTS और भिवाड़ी समस्या पर भी चर्चा
बैठक में जल विवाद के अलावा अन्य विकास कार्यों पर भी सहमति बनी:
- रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS): राजस्थान को हरियाणा के रास्ते दिल्ली से जोड़ने वाली इस रेल परियोजना को गति दी जाएगी।
- भिवाड़ी जल भराव: भिवाड़ी में जल भराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी दोनों राज्यों के बीच वार्ता हुई।
किशाऊ और लखवार परियोजनाओं पर समन्वय
मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ (टोन्स नदी), लखवार और रेणुकाजी परियोजनाओं के लिए सभी संबंधित राज्यों में आपसी सहमति बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। इन बांधों के पूर्ण होने पर राजस्थान को उसके हिस्से का 201 एमसीएम जल सुलभ हो सकेगा।
- यमुना जल विवाद और केंद्रीय जल आयोग के दिशा-निर्देशों के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की वेबसाइट देखें।
- राजस्थान में जल प्रबंधन परियोजनाओं की प्रगति हेतु जल संसाधन विभाग, राजस्थान पोर्टल पर विजिट करें।
नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।


