गावं मंच जयपुर, 28 मई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार के बेहतर प्रबंधन एवं दूरगामी फैसलों के फलस्वरूप प्रदेश में विद्युत प्रसारण एवं वितरण तंत्र (Electricity Transmission and Distribution Network) में अभूतपूर्व सुधार हुए हैं। इसके परिणामस्वरूप, प्रदेश में चल रहे भीषण गर्मी और हीटवेव के इस दौर में भी घरेलू, कृषि उपभोक्ताओं सहित औद्योगिक क्षेत्रों को निर्बाध और पर्याप्त बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
जयपुर, जोधपुर एवं अजमेर विद्युत वितरण कंपनियों (Discoms) द्वारा की जा रही सतत मॉनिटरिंग और तकनीकी नवाचारों से इस वर्ष उपभोक्ताओं की शिकायतों में ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है।
विद्युत प्रसारण तंत्र का सुदृढ़ीकरण: वर्ष 2027 तक दिन में बिजली का लक्ष्य
राज्य सरकार वर्ष 2027 तक प्रदेश के किसानों को दिन के समय ही कृषि कार्य हेतु बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ काम कर रही है। इसके लिए राजस्थान विद्युत नेटवर्क सुदृढ़ीकरण योजना के अंतर्गत इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है:
- 33 केवी सब स्टेशन: वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक प्रदेशभर में 33 केवी के 444 नए सब स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 211 सब स्टेशनों का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है।
- 400, 220 और 132 केवी जीएसएस: बड़े ग्रिड सब स्टेशनों की बात करें तो 400, 220 और 132 केवी के 59 नए जीएसएस स्थापित किए जा चुके हैं तथा 145 अन्य जीएसएस पर काम प्रगति पर है।
- बिजली उत्पादन क्षमता: सौर ऊर्जा संयंत्रों (कुसुम-ए, सी और रूफटॉप) के विशाल नेटवर्क के माध्यम से लगभग 7,376 मेगावाट और कोयला आधारित तापीय (Thermal) परियोजनाओं से 7,830 मेगावाट विद्युत क्षमता वर्तमान में उपलब्ध है।

पिक ऑवर्स मैनेजमेंट: राज्य में सरप्लस बिजली उपलब्ध
मई महीने में भीषण गर्मी के चलते प्रदेश में बिजली की मांग 2,860 लाख यूनिट से बढ़कर 3,850 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। इस सीजन की सबसे अधिक बिजली की मांग 27 मई को रात 10:15 बजे 17,333 मेगावाट दर्ज की गई, जिसे बिना किसी बिजली कटौती (Power Cut) के सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
| दिनांक | बिजली की मांग (मेगावाट में) | वास्तविक उपलब्धता (मेगावाट में) | स्थिति |
| 23 मई | 16,611 | 20,263 | सरप्लस |
| 25 मई | 15,948 | 21,285 | सरप्लस |
| 27 मई | 16,683 | 21,542 | सरप्लस |
नोट: रात्रि के समय सोलर उत्पादन बंद होने से उपलब्धता करीब 16,500 मेगावाट रह जाती है, जिसे सरकार ‘एनर्जी एक्सचेंज’ के माध्यम से खरीदकर पूरा करती है।
उपभोक्ता शिकायतों में आई 41 हजार की भारी कमी
बिजली गुल होने (नो करंट) की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए डिस्कॉम्स ने राज्य में 1,129 फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीमें (FRT) तैनात की हैं। इसके अतिरिक्त प्रभावी टोल-फ्री कॉल सेंटर्स और ग्राहक सेवा केंद्र भी 24 घंटे अलर्ट मोड पर हैं।
“नवाचारों और पूर्व-रखरखाव (Maintenance) का ही नतीजा है कि जयपुर, अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम में 1 अप्रैल से 20 मई 2025 के बीच जहां ‘नो करंट’ की 3.52 लाख शिकायतें आई थीं, वहीं इस वर्ष (2026 में) इसी अवधि में 41 हजार की बड़ी गिरावट के साथ केवल 3.11 लाख शिकायतें ही दर्ज हुईं। यह बिजली आपूर्ति में आए गुणात्मक सुधार को प्रमाणित करता है।”
— विद्युत प्रसारण एवं वितरण रिपोर्ट, राजस्थान सरकार
जेवीवीएनएल (JVVNL) का ‘विद्युत सुरक्षा’ नवाचार
जयपुर डिस्कॉम ने एक विशेष पहल शुरू की है, जिसके तहत कनिष्ठ (JEN), सहायक (AEN) और अधिशासी (XEN) अभियंता रात 8 बजे से 11 बजे तक पीक ऑवर्स के दौरान स्वयं फील्ड में उतरते हैं। ये अधिकारी अधिक लोड वाले जीएसएस, फीडरों और ट्रांसफार्मरों की लाइव लोड बैलेंसिंग करते हैं, जिससे ट्रिपिंग और वोल्टेज के उतार-चढ़ाव (Fluctuation) की समस्या पूरी तरह खत्म हो रही है।
- राजस्थान में नए बिजली कनेक्शन, कृषि लोड सब्सिडी, रूफटॉप सोलर योजना (PM Surya Ghar) और उपभोक्ता टोल-फ्री नंबरों की विस्तृत जानकारी के लिए ऊर्जा विभाग, राजस्थान सरकार के आधिकारिक वेब पोर्टल पर विजिट करें।
- राजस्थान के तीनों डिस्कॉम्स (जयपुर, अजमेर, जोधपुर) की ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने, बिल भुगतान करने और फॉल्ट स्टेटस देखने के लिए जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
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नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।


