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खेती में बदलाव, सिंचाई और तकनीक पर सरकार का फोकस

गाँव मंच डेस्क जयपुर, 2 अप्रैल | भारत में खेती को मजबूत बनाने के लिए सरकार अब लंबे समय से रुकी हुई सिंचाई परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा करने में जुटी है। केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan के अनुसार, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत कई अधूरी योजनाओं को फिर से शुरू किया गया है। इससे लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा जा रहा है, जिससे विशेष रूप से सूखा प्रभावित क्षेत्रों को राहत मिलेगी। केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना पर भी काम तेज हुआ है, जिसका उद्देश्य जल संतुलन बनाना है।

किसानों को मिलेंगे बेहतर और सुरक्षित इनपुट

नकली बीज, खाद और कीटनाशकों से किसानों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए सरकार नए कानून लाने की तैयारी कर रही है। इन कानूनों के माध्यम से कृषि उत्पादों की गुणवत्ता पर सख्त नियंत्रण रखा जाएगा। इससे किसानों को भरोसेमंद सामग्री मिलेगी और उनकी फसल की गुणवत्ता में सुधार होगा।

डिजिटल खेती की ओर बढ़ता कदम

खेती में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल कृषि पहल शुरू की गई है। इसके तहत किसानों के लिए किसान पहचान पत्र बनाए जा रहे हैं, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं, ऋण और सब्सिडी का लाभ आसानी से मिल सकेगा। “भारत विस्तार” नामक प्लेटफॉर्म के जरिए किसान फसल संबंधी समस्याओं का समाधान और सही सलाह अपनी भाषा में प्राप्त कर सकेंगे।

प्राकृतिक खेती और टिकाऊ विकास

सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है, ताकि रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभाव को कम किया जा सके। इसके तहत किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और कम लागत वाली खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधरेगी और खेती लंबे समय तक लाभकारी बनी रहेगी।

क्षेत्र के अनुसार कृषि योजना और आर्थिक सहायता

सरकार राज्यों के साथ मिलकर क्षेत्र विशेष के अनुसार कृषि योजनाएं तैयार कर रही है। इससे सही फसल चयन और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता भी जारी है।

राजस्थान में पंचायतों, ग्राम सभाओं और ग्रामीण योजनाओं से जुड़ी ताज़ा खबरें गाँव मंच में भी उपलब्ध हैं।

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