गांव मंच डेस्क, जयपुर
राजस्थान में उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया अब और आसान होगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) ने उद्यमियों को बड़ी राहत दी है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देते हुए रीको ने प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 और ई-नीलामी के तहत औद्योगिक भूखंड लेने वाले उद्यमियों के लिए मध्यवर्ती माइलस्टोन (Intermediate Milestones) के नियमों को सरल बनाया है। इस फैसले से उद्योग लगाने की शुरुआती प्रक्रिया में आने वाली परेशानियां कम होंगी।
माइलस्टोन नियमों में किया गया महत्वपूर्ण संशोधन
रीको ने रीको डिस्पोजल ऑफ लैंड रूल्स, 1979 के नियम 3(एजे) और नियम 21 में आंशिक संशोधन किया है। पहले उद्योग शुरू करने की पूरी अवधि के दौरान कई चरणों में निर्धारित माइलस्टोन पूरे करना अनिवार्य था। यदि किसी चरण में देरी होती थी तो भूमि लागत का 0.5 प्रतिशत एकमुश्त जुर्माना देना पड़ता था। लगातार देरी होने पर भूखंड का आवंटन निरस्त करने का भी प्रावधान था।

अब कम होंगे माइलस्टोन, मिलेगी ज्यादा राहत
- पहले पर्यावरण स्वीकृति वाले उद्योगों के लिए 2, 6, 12, 18 और 24 महीने के कुल पांच माइलस्टोन निर्धारित थे।
- इनमें लीज समझौता, पर्यावरण स्वीकृति, भवन मानचित्र स्वीकृति और निर्माण कार्य जैसे चरण शामिल थे।
- अब इन परियोजनाओं के लिए केवल दो माइलस्टोन निर्धारित किए गए हैं।
- पहला 12 महीने और दूसरा 24 महीने पर पूरा करना होगा। इससे उद्यमियों को परियोजना तैयार करने
- और आवश्यक अनुमतियां लेने के लिए अधिक समय मिलेगा।
बिना पर्यावरण स्वीकृति वाले उद्योगों को भी राहत
- जिन परियोजनाओं में पर्यावरण स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होती, उनके लिए पहले 6, 12 और 18 महीने के तीन माइलस्टोन तय थे।
- अब इन्हें घटाकर केवल दो कर दिया गया है।
- नए नियमों के अनुसार ऐसे उद्योगों के लिए 12 और 18 महीने पर ही माइलस्टोन पूरे करने होंगे।
- इन उद्योगों को उत्पादन शुरू करने के लिए दो वर्ष का समय मिलता है।
उद्यमियों की मांग पर लिया गया फैसला
- रीको के अनुसार उद्योगों को शुरुआत में कई विभागों से अनुमति लेनी पड़ती है।
- इसके अलावा बैंक से ऋण, वित्तीय स्वीकृति और परियोजना की योजना तैयार करने में भी समय लगता है।
- कम समय मिलने से उद्यमियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
- इन्हीं सुझावों को ध्यान में रखते हुए नियमों का सरलीकरण किया गया है।
निवेश और उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
- रीको के प्रबंध निदेशक सुरेश कुमार ओला ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
- की मंशा के अनुसार प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया गया है।
- नए नियमों से उद्योग स्थापित करना आसान होगा। उद्यमियों पर अनावश्यक दबाव कम होगा।
- इससे राजस्थान में नए निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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Edited by – Riddhima


