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मंडी श्रमिक कल्याण योजना से श्रमिकों को मिल रहा बड़ा लाभ

गांव मंच जयपुर, डेस्क 20 अप्रैल 2026 | राज्य सरकार की पहल से मंडी श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। महात्मा ज्योतिबा फुले मंडी श्रमिक कल्याण योजना के तहत हजारों श्रमिकों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल रहा है।

इस योजना का उद्देश्य मंडी समितियों में कार्यरत श्रमिकों को बेहतर जीवन सुविधा देना है। खास बात यह है कि यह योजना उन श्रमिकों पर फोकस करती है, जो सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं।

सरकार के अनुसार, मंडी समितियों के माध्यम से अब तक 1969 हितग्राहियों को जोड़ते हुए करीब 863 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।

"मंडी श्रमिक कल्याण योजना में आवास और भूखण्ड वितरण"

भूखण्ड और आवास में राहत

योजना के तहत पात्र श्रमिकों को भूखण्ड और आवास से जुड़ी सहायता दी जा रही है। महिला श्रमिकों को अधिकतम दो पुत्रियों के लिए भूखण्ड आवंटन का प्रावधान है। इसके अलावा, श्रमिकों को आवास के लिए भी आर्थिक सहयोग दिया जाता है। आवेदन के बाद 45 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

विवाह सहायता में बढ़ी मदद

योजना के तहत विवाह सहायता भी दी जाती है। पात्र परिवारों को प्रति विवाह 75 हजार रुपये तक की सहायता मिलती है। यह लाभ अधिकतम दो पुत्रियों के विवाह तक दिया जाता है। हालांकि, इसके लिए विवाह के तीन महीने के भीतर आवेदन करना जरूरी है।

छात्रों को मिल रहा प्रोत्साहन

श्रमिक परिवारों के बच्चों को पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति दी जा रही है।

10वीं में:

  • 80% से अधिक अंक पर छात्र: 3000 रुपये, छात्रा: 3500 रुपये
  • 70–80% पर छात्र: 2000 रुपये, छात्रा: 2500 रुपये

12वीं में:

  • 90%+ पर छात्र: 5000 रुपये, छात्रा: 6000 रुपये
  • 80–90% पर छात्र: 4000 रुपये, छात्रा: 5000 रुपये
  • 70–80% पर छात्र: 3000 रुपये, छात्रा: 4000 रुपये

इससे शिक्षा को बढ़ावा मिल रहा है और बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है।

चिकित्सा सहायता भी शामिल

गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भी सहायता दी जाती है। इसमें कैंसर, हार्ट, किडनी और अन्य बड़ी बीमारियां शामिल हैं। सरकार की ओर से 20 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाती है।इसके लिए 6 महीने के भीतर आवेदन करना जरूरी होता है।

आवेदन प्रक्रिया आसान

इस योजना में आवेदन मंडी समितियों के माध्यम से किया जाता है। पहले स्थानीय स्तर पर सत्यापन होता है। इसके बाद राज्य स्तर पर स्वीकृति दी जाती है। अंत में, सहायता राशि सीधे लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर की जाती है।

क्या है योजना का असर

इस योजना से मंडी श्रमिकों को आर्थिक मजबूती मिल रही है। साथ ही, सामाजिक सुरक्षा भी बढ़ी है। सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा श्रमिक इस योजना से जुड़ें।

योजना की आधिकारिक जानकारी के लिए राज्य कृषि विपणन बोर्ड की वेबसाइट देखें |

सरकारी योजनाओं के अपडेट के लिए PIB India पोर्टल विजिट करें |

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