गावं मंच डेस्क, जयपुर 02 मई | मसाला जगत की जानीमानी श्याम धनि इंडस्ट्रीज ने बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीती ज़िंटा को अपना चेहरा बनाया है और ब्रांड का पूरा स्वरुप बदल दिया है। इस बड़े बदलाव के बीच राजस्थान और देश के मसाला उत्पादक किसानो के लिए 3 मुख्य बाते निकल कर आई है।
- IPM खेती पर जोर – कंपनी अब अपना पूरा ध्यान IPM (Integrated Pest Management) यानि कीटनाशक मुक्त मसालों पर लगा रही है। इसका सीधा असर किसानो पर पड़ेगा। अब बाजार में उस उपज की मांग बढ़ेगी जो बिना रसायनो के उगाई गई है। जो किसान शुद्धत्ता का ध्यान रखेंगे उनके अब बेहतर खरीदार मिलेंगे।
- सीधी ख़रीद की संभावना : जयपुर में नया आधुनिक प्लांट शुरू होने से बिचौलियों की भूमिका कम होगी, जब प्रोसेसिंग यूनिट स्थानीय स्तर पर मज़बूत होती है, तो किसान अपनी फसल सीधे कंपनी तक पंहुचा सकता है। इस से ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा बचेगा और बिचौलियों को दिया जाने वाला कमीशन भी बचेगा।
- देशव्यापी बाज़ार का विस्तार: कंपनी अब असम, झारखण्ड और उत्तराखंड जैसे बड़े राज्यों में विस्तार कर रही है। डिमांड बढ़ने का मतलब है की कंपनी को अब ज़्यादा कच्चे माल की ज़रूरत होगी। इस से किसानो के लिए साल भर की मांग सुनिश्चित होगी और भविष्य में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के रस्ते खुल सकते है।

भविष्य की राणनीति
रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी का लक्ष्य अपने टर्नओवर को ₹1000 करोड़ तक ले जाना है, किसानो के लिए इसका मतलब है।
• क्वालिटी बीज और तकनीक: शुद्धता और मानकों को पूरा करने के लिए कंपनी किसानो को बेहतर तकनीक और जानकारी उपलब्ध कराएगी।
• स्थिर बाज़ार: बड़े ब्रांड के साथ जुड़ने से फसल के भाव में होने वाले अचानक उतर चढाव का जोखिम कम हो सकता है।
किसी भी ब्रांड की असली ताकत खेत की मिट्टी और किसान की मेहनत होती है। श्याम मसालों का यह विस्तार तभी सफल माना जाएगा जब इसकी चमक और मुनाफे का सीधा लाभ उन किसानों तक पहुँचेगा जो कड़ी धूप में मसाला फसलों को तैयार करते हैं।
किसानों के लिए अब यह ज़रूरी है कि वे बाज़ार की बदलती मांग (शुद्धता और क्वालिटी) के हिसाब से अपनी खेती के तरीकों में सुधार करें।
- IPM खेती और तकनीक के बारे में अधिक जानकारी यहां देखें: https://agricoop.nic.in
- ऑर्गेनिक और मसाला खेती से जुड़ी गाइडलाइन पढ़ें: https://apeda.gov.in
- भारतीय कृषि और बाजार से जुड़ी जानकारी के लिए विजिट करें: https://icar.org.in
- कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से संबंधित जानकारी यहां उपलब्ध है: https://farmer.gov.in
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