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एक जिला एक उत्पाद नीति राजस्थान: 18 करोड़ की 5 नई परियोजनाएं स्वीकृत

गावं मंच डेस्क, जयपुर, 13 मई । राजस्थान सरकार के ‘पंच गौरव कार्यक्रम’ के तहत प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को मजबूत करने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। एक जिला एक उत्पाद नीति राजस्थान (ODOP) के अंतर्गत राज्य के पांच जिलों में उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने के लिए 18.19 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय समिति ने इन परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिए प्रथम चरण में 10.76 करोड़ रुपये भी स्वीकृत कर दिए हैं।

इन 5 जिलों में स्थापित होंगी अत्याधुनिक सुविधाएं

उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना के अनुसार, ओडीओपी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए टेस्टिंग लैब, कॉमन फैसिलिटी सेंटर और वेयरहाउसिंग पर ध्यान केंद्रित किया गया है:

  • दौसा (स्टोन उत्पाद): 3.30 करोड़ रुपये से टेक्नोलॉजी फैसिलिटेशन सेंटर बनेगा। यहां पत्थर के उत्पादों की आधुनिक कटिंग और फिनिशिंग होगी।
  • चूरू (लकड़ी हस्तशिल्प): 2.5 करोड़ रुपये की लागत से कॉमन बीआईएस टेस्टिंग लैब और सीजनिंग सुविधा शुरू होगी।
  • बालोतरा (टेक्सटाइल): 5 करोड़ रुपये की लागत से टेक्सटाइल डिजिटल प्रिंटिंग कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किया जाएगा।
  • डीडवाना-कुचामन (स्टोन प्रोसेसिंग): 5.05 करोड़ रुपये की लागत से सीएनसी मशीन टेक्नोलॉजी सेंटर बनेगा।
  • फलोदी (सोनामुखी): 2.35 करोड़ रुपये से क्लाइमेट-कंट्रोल्ड वेयरहाउसिंग सुविधा बनेगी, जिससे उत्पाद लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगे।
एक जिला एक उत्पाद नीति राजस्थान प्रोजेक्ट्स स्वीकृति मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

6 जिलों में निर्माण कार्य प्रगति पर

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान चित्तौड़गढ़ में मल्टी यूटिलिटी सेंटर, हनुमानगढ़ में रूरल हाट, झुंझनूं में शिल्पग्राम नवीनीकरण और राजसमंद में प्रदर्शनी हॉल जैसे कार्यों के लिए 6.07 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनका कार्य तेजी से चल रहा है।

ODOP नीति के तहत मिलने वाले प्रमुख लाभ

एक जिला एक उत्पाद नीति राजस्थान-2024 के तहत उद्यमियों को निम्नलिखित वित्तीय सहायता दी जा रही है:

  • मार्जिन मनी अनुदान: सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को 20 लाख रुपये तक की सहायता।
  • तकनीकी विकास: एडवांस्ड सॉफ्टवेयर और टेक्नोलॉजी पर 5 लाख रुपये तक का अनुदान।
  • क्वालिटी और ई-कॉमर्स: क्वालिटी सर्टिफिकेशन पर 3 लाख और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस पर 1 लाख रुपये प्रतिवर्ष का पुनर्भरण।
  • मार्केटिंग: ई-कॉमर्स वेबसाइट विकास के लिए 75 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता।

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नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।

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