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राज उन्नति योजना राजस्थान: लापरवाह इंजीनियर सस्पेंड, CM के कड़े निर्देश

गावं मंच ,जयपुर, 16 मई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राज उन्नति योजना राजस्थान (राज उन्नति) की पांचवीं उच्चस्तरीय बैठक ली। इस डिजिटल समीक्षा बैठक में 7 विभागों की लगभग 33,039 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि विकास कार्यों में लेटलतीफी और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लापरवाही पर बड़ा एक्शन: सहायक अभियंता निलंबित

मुख्यमंत्री ने आमजन की समस्याओं के समाधान (परिवेदनाओं) को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। जनसुनवाई के दौरान नागौर के रामदेव की पेयजल शिकायत पर सुचारू आपूर्ति में लापरवाही बरतने के दोषी तत्कालीन सहायक अभियंता (AEN) को मौके पर ही निलंबित करने के निर्देश दिए।

राज उन्नति योजना राजस्थान 5वीं बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

बैठक के प्रमुख दिशा-निर्देश और लक्ष्य

  • ई-बस और ईंधन बचत: जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर और अलवर सहित प्रमुख शहरों में जल्द ही ई-बसों का संचालन शुरू होगा। इसके लिए डिपो और चार्जिंग स्टेशन के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • बिजली और पानी की साप्ताहिक समीक्षा: गर्मी के मौसम को देखते हुए कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं कि पानी-बिजली से जुड़े विभागों की हर 7 दिन में बैठक कर दैनिक रिपोर्ट मुख्यालय भेजें।
  • गंग कैनाल स्वचालन: गंगनहर फेज-1 के स्वचालन (Automation) प्रोजेक्ट के तहत 3.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आधुनिक जल वितरण प्रणाली विकसित की जाएगी।
  • आवासीय विद्यालयों में CCTV: कस्तूरबा गांधी और नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालयों के निर्माण की गुणवत्ता जांचने और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए।

एक्सप्रेस-वे और परिवहन में सुधार

मुख्यमंत्री ने जयपुर-किशनगढ़-अजमेर-जोधपुर-पचपदरा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, जयपुर में यातायात का दबाव कम करने के लिए रूट चार्ट सुधारने और जर्जर छोटे बस स्टैंडों को इसी माह दुरुस्त करने की समयसीमा तय की।

क्या है राज उन्नति? > राजस्थान यूनिफाइड नेटवर्क फॉर न्यू एक्शन (राज उन्नति) मुख्यमंत्री की एक अभिनव पहल है। इसके तहत वीसी (VC) के जरिए सीधे बड़े प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग की जाती है। अब तक इसकी बैठकों में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जा चुकी है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ नवाचार की मान्यता मिली है।

नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।

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