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रीको प्रत्यक्ष आवंटन योजना: 10वें चरण में बंपर आवेदन, 550 करोड़ का निवेश

गावं मंच जयपुर, 16 मई । राजस्थान में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और नए उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई रीको प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 (RIICO Direct Allotment Scheme) निवेशकों के बीच गेमचेंजर साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर तेजी से सृजित हो रहे हैं।

10वें चरण में मिला बंपर रेस्पॉन्स

योजना के 10वें चरण को निवेशकों का भारी समर्थन मिला है। इसके प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • कुल औद्योगिक भूखंड (Plots): 465
  • कुल प्राप्त आवेदन: लगभग 800
  • कुल क्षेत्रफल: 294 एकड़
  • अनुमानित निवेश मूल्य: करीब 550 करोड़ रुपये

किस औद्योगिक क्षेत्र में कितने आवेदन?

निवेशकों ने प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में भारी रुचि दिखाई है। प्रमुख स्थानों का विवरण नीचे दिया गया है:

औद्योगिक क्षेत्र का नामजिलाप्राप्त आवेदन
कांकाणी औद्योगिक क्षेत्रजोधपुर267 (सर्वाधिक)
बोरानाडा विस्तारजोधपुर58
आईजीपी अजयमेरू पालड़ा विस्तारअजमेर48
आईजीपी रूंध सोखरीअलवर43
बोरावास कलावा प्रथम (रिफाइनरी पास)पचपदरा (बालोतरा)31
रीको प्रत्यक्ष आवंटन योजना राजस्थान में औद्योगिक विकास और 550 करोड़ का निवेश

नीति में बदलाव का दिखा सीधा असर: 60% दर पर भूखंड

रीको ने असंतृप्त (Unsaturated) औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंड आवंटन के लिए अपनी ‘फ्लेक्सिबल लैंड लीज एवं किराया नीति’ में बड़ा बदलाव किया है।

  • नया नियम: जिन क्षेत्रों में दो प्रयासों के बाद भी 25% से अधिक भूखंडों का आवंटन नहीं हो पाया है, वहां अब भूखंड प्रचलित दर के 60 प्रतिशत अथवा आरक्षित दर (जो भी अधिक हो) पर आवंटित किए जा रहे हैं।
  • सकारात्मक परिणाम: इस छूट के चलते 10वें चरण में ऐसे असंतृप्त क्षेत्रों के लिए 113 आवेदन प्राप्त हुए हैं (जबकि 9वें चरण में केवल 25 आवेदन आए थे)। इसमें अजमेर, चूरू (सरदारशहर विस्तार), किशनगढ़ (कचारिया) और मंडौर के क्षेत्र प्रमुख हैं।

“राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप रीको लगातार निवेश-अनुकूल नीतियों पर कार्य कर रहा है। नीतियों के सरलीकरण से प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया है, जिससे प्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को अभूतपूर्व गति मिल रही है।”

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नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।

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