गावं मंच जयपुर, 19 मई । अखिल राज्य ट्रेड एंड इंडस्ट्री एसोसिएशन (ARTIA) ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों तथा ऊर्जा लागत में वृद्धि को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। ईंधन संकट पर आरतिया का मंथन कार्यक्रम में उद्योगपतियों और व्यापारियों ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि ईंधन की बढ़ती लागत अब केवल एक आर्थिक चुनौती नहीं, बल्कि व्यापार, परिवहन, कृषि और आम नागरिकों के दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाला गंभीर संकट बन चुकी है।
वैकल्पिक ऊर्जा परियोजनाओं को गति देने के सुझाव
आरतिया ने देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार को एक विस्तृत सुझाव पत्र प्रेषित किया है। संगठन ने मुख्य रूप से निम्नलिखित वैकल्पिक ऊर्जा परियोजनाओं को ‘मिशन मोड’ पर शीघ्र लागू करने की मांग की:
- बायोचार और कोयला गैसीकरण: फसल अवशेषों और उपलब्ध संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग कर पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता कम की जाए।
- वेस्ट-टू-मीथेन (Waste-to-Methane): शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लघु अपशिष्ट-से-मीथेन संयंत्रों को त्वरित मंजूरी, पूंजीगत सहायता और तकनीकी समर्थन दिया जाए।
- कर संरचना की समीक्षा: पेट्रोल और डीजल पर टैक्स के बोझ को कम कर आमजन, परिवहन क्षेत्र और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को तुरंत राहत दी जाए।

ईंधन संरक्षण को जन-अभियान बनाने का आह्वान
बैठक में आरतिया ने व्यापारियों, उद्योग जगत और आम नागरिकों से वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ईंधन संरक्षण और ऊर्जा बचत को एक जन-आंदोलन बनाने की अपील की। संगठन ने नागरिकों से वाहनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने, कार पूलिंग अपनाने, अनावश्यक यात्राओं से बचने और ऊर्जा के मितव्ययी उपयोग का आह्वान किया।
“सरकार को ईंधन और गैस की उपलब्धता को लेकर फैल रही आशंकाओं और अफवाहों पर विराम लगाना चाहिए। समय-समय पर आपूर्ति व्यवस्था की सही जानकारी देकर जनता में विश्वास का वातावरण मजबूत करना जरूरी है, ताकि पैनिक की स्थिति से बचा जा सके।” — ARTIA पदाधिकारी
बैठक में यह दिग्गज रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण मंथन में विष्णु भूत, कमल कंदोई, आशीष सराफ, प्रेम बियानी, श्रवण पारीक, संजय शर्मा, पंकज गोयल (दीप ज्योति), हरि शर्मा, हनीफ टांक, प्रकाश छाबड़ा, के. एस. राठौड़, सूर्य प्रकाश शर्मा, संजीव बंसल, नीरज खदरिया और सीए महेंद्र दानी सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
- भारत सरकार की बायोगैस, वेस्ट-टू-एनर्जी और वैकल्पिक ऊर्जा नीतियों की विस्तृत जानकारी के लिए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
- देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति, कीमतों और कर संरचना से जुड़े अपडेट्स के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार की वेबसाइट देखें।
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नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।


