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राजस्थान तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम: WHO ने दिया विश्व स्तर पर प्रथम सम्मान

गावं मंच जयपुर, 19 मई । राजस्थान ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में वैश्विक पटल पर एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा वर्ष 2026 के ‘वर्ल्ड नो टोबैको डे अवॉर्ड’ (World No Tobacco Day Award) के तहत राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को सम्मानित किया गया है। राजस्थान तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम में उत्कृष्ट और उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदेश को दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य सरकार की जनस्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता, प्रभावी नीतियों तथा ‘तम्बाकू मुक्त राजस्थान’ के संकल्प का परिणाम है।

प्रदेश में कैसे बना तम्बाकू मुक्ति का मॉडल?

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि राजस्थान ने तम्बाकू नियंत्रण के क्षेत्र में देशभर में एक मिसाल कायम की है। राज्य सरकार ने इस अभियान को मजबूत करने के लिए ग्रामीण और शहरी स्तर पर कई बड़े कदम उठाए हैं:

  • 500 से अधिक परामर्श केंद्र: राज्य में ब्लॉक स्तर तक 500 से अधिक तम्बाकू मुक्ति उपचार एवं परामर्श केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन सभी केंद्रों को जियो-टैग (Geo-Tagged) कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है ताकि आमजन आसानी से अपने नजदीकी केंद्र तक पहुंच सकें।
  • सख्त कानूनी कार्रवाई: प्रदेश में ‘सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम-2003’ (COTPA) तथा ‘इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम-2019’ के तहत प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
  • तम्बाकू मुक्त विद्यालय: राज्य के 83 हजार से अधिक सरकारी और निजी विद्यालयों में ‘तम्बाकू मुक्त विद्यालय’ गाइडलाइंस की कड़ाई से पालना कराई जा रही है।
  • डिजिटल और जमीनी अभियान: सोशल मीडिया पर 60 हजार से अधिक जागरूकता संदेश साझा किए गए। वहीं, जमीनी स्तर पर नुक्कड़ नाटक, रैलियों और प्रतियोगिताओं सहित करीब 2.55 लाख जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।
राजस्थान तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम को विश्व स्वास्थ्य संगठन का वर्ल्ड नो टोबैको डे अवॉर्ड

आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना से जुड़ा अभियान

ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान को गति देने के लिए ‘तम्बाकू मुक्त ग्राम अभियान’ को आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना से जोड़ा गया है। इससे ग्रामीण अंचलों में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हो रही है और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा रहा है।

साउथ एशिया में शीर्ष पर रहा राजस्थान

डब्ल्यूएचओ द्वारा विश्वभर के देशों को 6 प्रमुख रीजन्स (अफ्रीकन, अमेरिकन, ईस्टर्न मेडिटेरेनियन, यूरोपियन, साउथ एशिया और वेस्टर्न पेसिफिक) में विभाजित कर यह वैश्विक अवार्ड दिया जाता है। इस बार साउथ-ईस्ट एशिया रीजन में राजस्थान के चिकित्सा विभाग ने अपने बेहतरीन प्रबंधन से शीर्ष स्थान हासिल किया है।

राजस्थान में पंचायतों, ग्राम सभाओं और ग्रामीण योजनाओं से जुड़ी ताज़ा खबरें गाँव मंच के पंचायत सेक्शन में भी उपलब्ध हैं।

नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।

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