Gaonmanch

एक जिला एक उत्पाद नीति राजस्थान: ओडीओपी में सरकार ने किए 2 बदलाव

गावं मंच जयपुर, 20 मई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने और लघु उद्योगों को मजबूत करने के लिए एक जिला एक उत्पाद नीति राजस्थान (ODOP)-2024 में दो बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक संशोधन किए गए हैं। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब ओडीओपी उत्पादों से जुड़े मौजूदा उद्योगों के विस्तार (Expansion) पर भी सरकार मार्जिन मनी अनुदान देगी। इसके अलावा, अब निजी संस्थानों के माध्यम से भी फैक्ट्रियों का तकनीकी अपग्रेडेशन कराया जा सकेगा।

ओडीओपी नीति में किए गए 2 सबसे बड़े बदलाव

उद्योग वाणिज्य आयुक्त श्री नीलाभ सक्सेना ने नए संशोधनों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि राज्य बजट 2026-27 की घोषणाओं को अमलीजामा पहनाते हुए ये बदलाव किए गए हैं:

1. उद्यम विस्तार पर ₹15 लाख तक की मार्जिन मनी

पहले ओडीओपी नीति के तहत मार्जिन मनी अनुदान का लाभ केवल नई फैक्ट्रियां या इकाइयां लगाने पर ही मिलता था। लेकिन अब नए संशोधन के बाद:

  • लघु श्रेणी (Small Scale) की इकाइयों को अपने व्यवसाय का विस्तार करने पर 15 लाख रुपये तक का मार्जिन मनी अनुदान मिलेगा।
  • सूक्ष्म श्रेणी (Micro Scale) की इकाइयों को विस्तार के लिए 20 लाख रुपये तक का अनुदान मिल सकेगा।
  • सरकार ने इसके लिए 15 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया है।
एक जिला एक उत्पाद नीति राजस्थान में संशोधन की घोषणा करते उद्योग वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना

2. निजी संस्थानों से तकनीकी अपग्रेडेशन की छूट

पहले ओडीओपी इकाइयों को केवल राजकीय (सरकारी) संस्थानों के माध्यम से तकनीक अपग्रेडेशन करने पर ही सहायता मिलती थी। अब उद्यमी किसी भी निजी संस्थान (Private Institutes) के माध्यम से अपनी तकनीक और मशीनों को अपग्रेड करा सकेंगे, जिसके लिए 5 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इससे इकाइयां नवीनतम तकनीक अपनाकर कम बिजली खपत में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कर सकेंगी।

आवेदन प्रक्रिया हुई ऑनलाइन, स्वीकृति में लग रहा कम समय

राज्य बजट 2026-27 में ओडीओपी आवेदनों को जिला महाप्रबंधकों (DIC) के स्तर पर ही स्वीकृत करने की घोषणा की गई थी। विभाग ने 1 मार्च, 2026 से पूरी आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और 1 फरवरी, 2026 से अब तक प्राप्त हुए 350 से अधिक आवेदनों का निस्तारण बहुत ही कम समय में किया जा चुका है।

इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए प्रदेश के पांच जिलों में 18.19 करोड़ रुपये की लागत से कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC), टेस्टिंग लैब और भंडारण (Warehouse) निर्माण की स्वीकृतियां भी जारी की जा चुकी हैं।

राजस्थान में पंचायतों, ग्राम सभाओं और ग्रामीण योजनाओं से जुड़ी ताज़ा खबरें गाँव मंच के पंचायत सेक्शन में भी उपलब्ध हैं।

नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।

Scroll to Top