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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बांसवाड़ा दौरा: पीपल के नीचे लगाई चौपाल

गावं मंच बांसवाड़ा/जयपुर, 21 मई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपने वागड़ दौरे के तहत बांसवाड़ा जिले के सुदूर आदिवासी अंचल में स्थित चुड़ादा गांव पहुंचे। बुधवार को रात्रि चौपाल लगाने के बाद गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बांसवाड़ा दौरा कार्यक्रम के तहत अचानक गांव की गलियों में प्रातः भ्रमण पर निकल गए। मुख्यमंत्री ने आमजन से सीधे जुड़ते हुए ‘चाय पर चर्चा’ की और पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर ग्रामीणों के अभाव-अभियोग सुने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ के विचार को साकार कर रही है और अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है।

बांसवाड़ा के चुड़ादा गांव में ग्रामीणों के साथ चाय पर चर्चा करते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

शिकायत पर त्वरित एक्शन: बीसीएमओ तत्काल प्रभाव से APO

प्रातः भ्रमण के दौरान ग्रामीणों और कार्मिकों ने कुशलगढ़ के खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी (BCMO) डॉ. गिरीश भाभोर के विरुद्ध वित्तीय अनियमितताओं और कार्य में लापरवाही की गंभीर शिकायत की। मुख्यमंत्री ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए मौके पर ही अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद चिकित्सा विभाग ने त्वरित आदेश जारी कर डॉ. गिरीश भाभोर को तत्काल प्रभाव से एपीओ (APO) कर दिया।

हीरन नदी पर बनेगा एनिकट, विकास कार्यों के लिए लाखों की स्वीकृतियां

पीपल के नीचे लगी इस अनोखी चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की पेयजल और सिंचाई संबंधी समस्याओं को सुना और मौके पर ही जिला कलेक्टर को हीरन नदी पर एनिकट निर्माण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के निर्देश पर निम्नलिखित विकास कार्यों की वित्तीय स्वीकृतियां तुरंत जारी की गईं:

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बांसवाड़ा दौरा के दौरान चुड़ादा गांव में पीपल के पेड़ के नीचे चौपाल लगाते हुए
  • ठुम्मठ गांव: माँ बाड़ी केंद्र निर्माण के लिए 16.20 लाख रुपये मंजूर।
  • ठुम्मठ चौराहा: पेयजल संकट दूर करने के लिए सिंगल फेज ट्यूबवेल निर्माण हेतु 20 लाख रुपये स्वीकृत।
  • चुड़ादा गांव: प्रसिद्ध मामा बालेश्वर दयाल मंदिर परिसर में इंटरलॉकिंग एवं सौंदर्यीकरण कार्य के लिए 7 लाख रुपये की तत्काल मंजूरी।
  • शिक्षा व रोजगार: राजकीय विद्यालय में दो नए कक्षा-कक्षों के निर्माण और गांव के समीप दूध संकलन केंद्र की स्थापना के निर्देश दिए गए।

संवेदनशीलता: पीड़ित बच्चे की मां की गुहार पर तुरंत ट्रांसफर

दौरे के दौरान रोशनी कलाल नामक महिला ने सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) बीमारी से पीड़ित अपने पुत्र की देखभाल का हवाला देते हुए अपने पति हेमेंद्र कुमार कलाल (सहायक अभियंता, PHED) का स्थानांतरण सागवाड़ा से बांसवाड़ा करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही उनके पदस्थापन के आदेश अधिशासी अभियंता परियोजना खंड बांसवाड़ा में करने के निर्देश दिए।

जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने किसानों और युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पानी का कोई विकल्प नहीं है, इसलिए इसकी हर बूंद का सदुपयोग जरूरी है। उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ पशुपालन, वर्षाजल संग्रहण (Rainwater Harvesting) और माइक्रो सिंचाई अपनाने की अपील की।

इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा और सहकारिता राज्यमंत्री गौतम कुमार दक सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और हजारों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

  • राजस्थान के ग्रामीण अंचलों में चल रही अन्य चौपालों और मुख्यमंत्री के दौरों की आधिकारिक अपडेट्स के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) राजस्थान के डिजिटल पोर्टल पर जाएं।
  • बांसवाड़ा जिले के प्रशासनिक आदेशों और विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट देखने के लिए जिला कलेक्टरेट, बांसवाड़ा की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।

राजस्थान में पंचायतों, ग्राम सभाओं और ग्रामीण योजनाओं से जुड़ी ताज़ा खबरें गाँव मंच के पंचायत सेक्शन में भी उपलब्ध हैं।

नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।

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