गाँवमंच डेस्क, जयपुर 28 जुलाई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा से लेकर खेल, रोजगार से लेकर स्वरोजगार तक युवाओं के हर सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विचारशील, अनुशासित एवं संस्कारवान युवा विकसित भारत और विकसित राजस्थान के आधार हैं। मुख्यमंत्री ने यह बात मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित ‘सपनों की उड़ान कार्यक्रम’ में युवाओं से संवाद के दौरान कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार पेपरलीक पर प्रभावी रोक, रिकॉर्ड सरकारी भर्तियों, स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं का उज्ज्वल भविष्य बनाने में जुटी हुई है।
युवाओं के सुझावों को सरकार दे रही महत्व
- मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा नई ऊर्जा और नए विचारों से भरपूर होते हैं।
- सरकार बजट और नीतियों के निर्माण में युवाओं के सुझावों को शामिल कर रही है।
- उन्होंने कहा कि योजनाओं और कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए युवाओं के साथ इस प्रकार का संवाद बेहद आवश्यक है।
- उन्होंने युवाओं से माता-पिता को अपना पहला गुरु मानते हुए मेहनत, अनुशासन, संस्कार और आत्मविश्वास को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

1.78 लाख से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में 1 लाख 78 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की है। इसके अलावा:
- करीब 51 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है
- 80 हजार से अधिक पद भर्ती कैलेंडर में शामिल हैं
- 70 हजार नए पदों पर भर्ती की तैयारी चल रही है
- निजी क्षेत्र में लगभग साढ़े चार लाख रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।
पेपरलीक पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पेपरलीक और भर्ती अनियमितताओं के खिलाफ कठोर कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि:
- एसआईटी का गठन किया गया
- पेपरलीक और अन्य अनियमितताओं में 569 लोगों को गिरफ्तार किया गया
- अब तक 410 परीक्षाएं बिना किसी पेपरलीक के आयोजित की गई हैं
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष बनाया जा रहा है ताकि युवाओं का विश्वास बना रहे।
स्टार्टअप और स्वरोजगार को मिल रहा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान का युवा केवल नौकरी पाने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बने, इसके लिए उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
राजस्थान स्टार्टअप कार्यक्रम के तहत:
- 4,623 स्टार्टअप्स पंजीकृत हुए
- 1,062 स्टार्टअप्स को i-Start फंड से 34 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली
- 9 स्टार्टअप प्रोग्राम पूरे किए गए
- 988 स्टार्टअप्स ने इन कार्यक्रमों में भाग लिया
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य कौशल नीति-2025 और युवा नीति जारी की जा चुकी है।
खेल प्रतिभाओं को मिल रही नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान अब अपने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के दम पर खेलों में नई पहचान बना रहा है। सरकार खेल संरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्य पहलें:
- राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना लागू
- खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का आयोजन
- 17 नए खेलो इंडिया केंद्र शुरू किए जा रहे हैं
- 41 जिला मुख्यालयों पर आवासीय खेल अकादमियां प्रारंभ की गई हैं
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
युवाओं के साथ अभिभावक की तरह किया संवाद
- सपनों की उड़ान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षा, खेल, स्टार्टअप, माय भारत वॉलेंटियर्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे
- युवाओं से खुलकर बातचीत की। उन्होंने युवाओं की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं और उनके सपनों के बारे में जानकारी ली।
- इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘सपनों की उड़ान’ लोगो डिजाइन प्रतियोगिता का शुभारंभ भी किया।
- कार्यक्रम में युवाओं ने मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाई और सेल्फी ली।
युवाओं ने सरकार की पहल की सराहना की
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न युवाओं ने अपने अनुभव साझा किए:
- उपलक्ष्य गोयल (नीट परीक्षा में देशभर में तीसरा स्थान) ने कहा कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन सफलता की कुंजी है।
- स्वरूपदान चारण ने कहा कि माय भारत पोर्टल युवाओं की क्षमता और कौशल बढ़ाने में मददगार है।
- राशिका शर्मा ने छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
- रेखा, बीएससी छात्रा, ने पेपरलीक पर लगाम लगाने और निष्पक्ष भर्ती परीक्षाओं के आयोजन के लिए सरकार को धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम में कौन-कौन रहा उपस्थित?
- कार्यक्रम में विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल, विद्यार्थी, खिलाड़ी,
- यंग प्रोफेशनल्स, संबल सखियां, एनसीसी कैडेट्स और एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने की पहल
- सपनों की उड़ान कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि युवाओं की भागीदारी
- केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि नीति निर्माण और राज्य विकास के साझेदार के रूप में भी महत्वपूर्ण है।
- शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास और खेलों पर केंद्रित यह संवाद राजस्थान के युवाओं को नई दिशा
- और नया आत्मविश्वास देने वाला माना जा रहा है।
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Edited by – Riddhima


