गाँव मंच डेस्क, राजस्थान में इसबगोल कारोबार को लेकर GST का मुद्दा गरमा गया है। मामला किसानों और व्यापारियों दोनों से जुड़ा है। इसबगोल की GST दर को लेकर अलग व्याख्याएं सामने आई हैं। इससे राजस्थान के कारोबारियों की चिंता बढ़ी है।
गुजरात में प्राकृतिक इसबगोल पर अलग रुख
- गुजरात में एक AAR मामले में स्थिति अलग रही। वहां प्राकृतिक और कच्चे इसबगोल बीजों पर विचार किया गया।
- बीज बिना drying या processing के खरीदे गए थे। उन्हें fresh category में रखने की बात स्वीकार की गई।
- ऐसे बीजों पर NIL GST का प्रावधान लागू माना गया।
राजस्थान में 5 प्रतिशत GST का विवाद
- राजस्थान में कई AAR मामलों में अलग निष्कर्ष आया। यहां dry और ventilated godowns में रखे बीजों को देखा गया।
- कुछ मामलों में इसे drying माना गया। ऐसे मामलों में 5 प्रतिशत GST लागू माना गया।
- इससे राजस्थान के व्यापारियों में चिंता बढ़ी है। हालांकि राजस्थान में हर मामले का निष्कर्ष एक जैसा नहीं रहा।
- एक AAR में बीजों को fresh माना गया। वहां drying या processing नहीं होने की बात स्वीकार हुई।
- इससे पूरे मामले की जटिलता और बढ़ गई है।
किसानों और मंडियों पर संभावित असर
राजस्थान देश के प्रमुख इसबगोल उत्पादक राज्यों में है। बड़ी मात्रा में किसान इस फसल से जुड़े हैं। मंडियों और processing units की भूमिका भी अहम है। अलग GST व्याख्या से कारोबार की लागत प्रभावित हो सकती है। इसका असर बाजार की प्रतिस्पर्धा पर भी पड़ सकता है।
Edited by- Krishika Agarwal


