मादक पदार्थों की तस्करी और अपराधों पर लगाम लगाने के लिए राजस्थान सरकार की जीरो टोलरेंस नीति। काली फिल्म, प्रेशर हॉर्न और अवैध नंबर प्लेट वाले वाहनों पर होगी सख्त कार्रवाई, वाहन मालिकों को 3 दिन का अल्टीमेटम।
गांव मंच, जयपुर। राजस्थान में अवैध मॉडिफिकेशन वाले वाहनों के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों पर अब कड़ी लगाम कसेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य सरकार की ‘जीरो टोलरेंस नीति’ के तहत ऐसे असामाजिक तत्वों और वाहनों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसे लेकर परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग पूरे प्रदेश में एक विशेष चेकिंग और प्रवर्तन अभियान चलाने जा रहा है।
वाहन मालिकों को 3 दिन की मोहलत
परिवहन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे तीन दिन के भीतर अपने वाहनों से हर तरह का अवैध मॉडिफिकेशन स्वयं हटा लें। इस मोहलत के खत्म होने के बाद पूरे राज्य में सघन चेकिंग अभियान शुरू होगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर भारी-भरकम चालान, वाहन जब्ती और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इन अवांछित बदलावों पर होगी सख्त कार्रवाई
अवैध बत्तियां और हॉर्न: बिना अनुमति लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, हूटर या प्रेशर/एयर हॉर्न पाए जाने पर इन्हें मौके पर ही हटाया जाएगा। साथ ही, ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित या निरस्त किया जा सकता है।
काली फिल्म: वाहनों के शीशों पर निर्धारित मानकों से अधिक काली फिल्म या अपारदर्शी सामग्री मिलने पर चालानी कार्रवाई होगी।
अवैध नंबर प्लेट: हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) अनिवार्य है। फर्जी, अपठनीय या स्टिकर-मोनोग्राम लगी नंबर प्लेट को गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
वाहन की बॉडी में बदलाव: वाहन की चेसिस, बॉडी, रंग या सीटिंग क्षमता में आरसी (RC) के मूल विवरण से अलग कोई भी बदलाव पूरी तरह अवैध माना जाएगा।
परिवहन विभाग के संज्ञान में आया है कि मॉडिफाइड वाहनों की पहचान मुश्किल होने से अपराधी आसानी से बच निकलते हैं, जो सड़क सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और अवैध गतिविधियों को रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।


