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सीईटीपी स्थापना योजना राजस्थान: उद्योगों को मिलेगा 150 करोड़ का अनुदान

गावं मंच जयपुर, 26 मई । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर राज्य सरकार ने प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों को आर्थिक संबल प्रदान करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य में सीईटीपी स्थापना योजना राजस्थान के अंतर्गत रीको (RIICO) और नॉन-रीको, दोनों प्रकार के औद्योगिक क्षेत्रों में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) की स्थापना के लिए अब ₹150 करोड़ तक का अनुदान दिया जाएगा।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा इस नई योजना की आधिकारिक गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है, जिसमें आधुनिक तकनीक और कुशल वित्तीय प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है।

‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ तकनीक से दोबारा उपयोग होगा पानी

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) श्री शिखर अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में राज्य की अधिकांश औद्योगिक इकाइयों में अपशिष्ट जल (Westwater) का प्रबंधन व्यक्तिगत ईटीपी या क्लस्टर स्तर के सीईटीपी द्वारा होता है। इनमें रीसाइक्लिंग प्रणाली की कमी होने के कारण पानी का पुन: उपयोग बेहद सीमित था।

इस नई योजना के तहत अब ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ (ZLD) वाले आधुनिक प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इस उन्नत तकनीक से फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित जल को पूरी तरह उपचारित (Treat) कर दोबारा उद्योगों के काम में लिया जा सकेगा, जिससे भूजल पर निर्भरता कम होगी।

सीईटीपी स्थापना योजना राजस्थान के तहत रीको औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित होने वाला आधुनिक जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट

हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM): 20 वर्षों तक सुचारू संचालन की गारंटी

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका वित्तीय ढांचा और भुगतान का तरीका है:

  • 80% सरकारी सहायता: परियोजना की कुल लागत का 80 प्रतिशत या अधिकतम ₹150 करोड़ का अनुदान सरकार देगी। शेष 20 प्रतिशत राशि ही क्लस्टर की उद्योग इकाइयों द्वारा गठित एसपीवी (Special Purpose Vehicle) को वहन करनी होगी।
  • चरणबद्ध भुगतान: प्रभावी संचालन के लिए ‘हाइब्रिड एन्युटी मॉडल’ पर अनुदान दिया जाएगा। कुल अनुदान का 60 प्रतिशत हिस्सा निर्माण के दौरान 20-20% की तीन किस्तों में मिलेगा, जबकि शेष 20 प्रतिशत राशि अगले 20 वर्षों के दौरान उपलब्ध कराई जाएगी ताकि प्लांट का लंबे समय तक रखरखाव सुनिश्चित हो सके।
  • वित्तीय भागीदार: रीको क्षेत्रों में रीको एवं RSPCB द्वारा तथा नॉन-रीको क्षेत्रों में राज्य सरकार एवं RSPCB (राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल) द्वारा वित्तीय सहायता दी जाएगी।

पुरानी योजना का भी बढ़ाया दायरा, अब ₹100 करोड़ का अनुदान

“विभाग द्वारा किस्तों के बजाय एकमुश्त अनुदान देने वाली पुरानी योजना का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। इसके तहत पूर्व में मिलने वाले अधिकतम ₹75 करोड़ के अनुदान को बढ़ाकर अब ₹100 करोड़ (या परियोजना लागत का 75%) कर दिया गया है। इसके साथ ही अब इस योजना में नॉन-रीको औद्योगिक क्षेत्रों को भी शामिल कर पात्र बना दिया गया है।” — श्री शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग एवं वाणिज्य)

  • राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंड आवंटन, नई औद्योगिक नीतियों और सीईटीपी ग्रांट की प्रशासनिक गाइडलाइंस डाउनलोड करने के लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
  • औद्योगिक अपशिष्ट जल के प्रबंधन के नियम, ईटीपी/सीईटीपी के संचालन मानकों और पर्यावरण स्वीकृति (Consent to Establish/Operate) की जानकारी के लिए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) की आधिकारिक वेबसाइट विजिट करें।

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नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।

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