गावं मंच जयपुर/नई दिल्ली, 26 मई। देश में इस साल गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार के बीच केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाने वाली खरीद प्रक्रिया में गंभीर बाधाएं सामने आ रही हैं। भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल (BUVM) ने चिंता व्यक्त की है कि देश और राज्य के गोदामों के पूरी तरह भरे होने तथा बारदाने (बोले/Jute Bags) की भारी किल्लत के कारण समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद की रफ्तार बेहद धीमी हो गई है, जिससे देश का किसान बेहद परेशान है।
इस संकट को देखते हुए भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने केंद्र सरकार के खाद्य विभाग को पत्र लिखकर गेहूं खरीद की अंतिम तारीख को 31 मई से बढ़ाकर 30 जून करने का विशेष आग्रह किया है।
भारत में 1200 लाख टन गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार का अनुमान
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस सीजन में देशभर में गेहूं की कुल पैदावार लगभग 1200 लाख टन अनुमानित है। राज्यों के अनुसार उत्पादन का गणित इस प्रकार है:
| राज्य | अनुमानित गेहूं पैदावार (लाख टन में) |
| उत्तर प्रदेश | 350 |
| मध्य प्रदेश | 200 |
| पंजाब | 180 |
| हरियाणा | 130 |
| राजस्थान | 120 |
| बिहार | 60 |
| गुजरात | 35 |
| अन्य प्रांत | 50-60 |

(नेशनल प्रेसीडेन्ट)
गोदाम फुल और बारदाने का संकट: क्यों अटकी खरीद?
व्यापार मण्डल के अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि नियमतः सरकार को कुल पैदावार का करीब एक-चौथाई से एक-तिहाई भाग समर्थन मूल्य पर खरीदना होता है। लेकिन इस बार खरीद तंत्र कई व्यावहारिक दिक्कतों से जूझ रहा है:
- 600 लाख टन पुराना स्टॉक: केंद्र सरकार के गोदामों में पहले से ही 600 लाख टन पुराना गेहूं पड़ा हुआ है। देश के सभी कवर्ड गोदाम पूरी तरह भरे हैं। मंडियों में खुले चबूतरे और कैंप लगाकर अनाज के चट्टे (ढेर) लगाए जा रहे हैं, लेकिन अब वहां भी जगह नहीं बची है।
- नया बारदाना उपलब्ध नहीं: वैश्विक या तकनीकी कारणों से प्लास्टिक ग्रेन्युअल्स उपलब्ध न होने के कारण नया बारदाना पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाया है। सरकार ने पुराने बारदाने को खरीदने के आदेश दिए हैं, लेकिन वह भी बाजार में उपलब्ध नहीं है।
- धीमी तुलाई और मौसम की मार: भारतीय खाद्य निगम (FCI) बारदाने की कमी का हवाला देकर तुलाई बेहद धीमी गति से कर रहा है। राजस्थान में पंजीकृत किसानों के अनुपात में अब तक केवल 60 प्रतिशत गेहूं ही तुला है। इसी बीच कई जिलों में बेमौसम बारिश के कारण मंडियों में तुलाई हो चुका गेहूं भी भीग गया है।
केंद्र सरकार से कोटा और समय सीमा बढ़ाने की मांग
“समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने की पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। हमने खाद्य विभाग को पत्र लिखकर स्थितियों से अवगत कराया है। हमारा निवेदन है कि किसानों की इस दुविधा को समझते हुए राजस्थान सहित अन्य प्रांतों की खरीद का कोटा बढ़ाया जाए और गेहूं खरीद की अंतिम तिथि 31 मई के स्थान पर 30 जून 2026 निर्धारित की जाए।”
— बाबूलाल गुप्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष (भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल)
- देश में गेहूं की सरकारी खरीद के साप्ताहिक आंकड़ों, राज्यवार खरीद लक्ष्यों और एमएसपी (MSP) भुगतान की स्थिति जानने के लिए भारतीय खाद्य निगम (FCI) के आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाएं।
- रबी फसलों के विपणन सीजन, बारदाना आवंटन नीति और खाद्य सुरक्षा के संबंध में केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों को देखने के लिए खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग, भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।
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नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।


