Gaonmanch

हिंदी पत्रकारिता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी जयपुर: उदन्त मार्तण्ड के 200 वर्ष पूरे

जयपुर। हिंदी पत्रकारिता के इतिहास में मील का पत्थर माने जाने वाले देश के पहले हिंदी समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ के प्रकाशन के 200वें वर्ष में प्रवेश करने के ऐतिहासिक अवसर पर हिंदी पत्रकारिता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी जयपुर का भव्य आयोजन किया गया। ग्रासरूट मीडिया फाउंडेशन द्वारा झालाना सांस्थानिक क्षेत्र स्थित राजस्थान प्रौढ़ शिक्षण समिति के सभागार में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में पत्रकारिता के बदलते आयामों पर मंथन किया गया और क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवा पत्रकारों को सम्मानित भी किया गया।

एआई से घबराने की नहीं, सीखने की जरूरत: यशवंत व्यास

समारोह को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए प्रसिद्ध व्यंग्यकार यशवंत व्यास ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित करना एक सराहनीय पहल है, जिससे सकारात्मक पत्रकारिता को संबल मिलता है।

“हमें सदैव अपने आधारभूत विचारों को स्मरण रखना चाहिए, क्योंकि उन्हीं से सफलता और विश्वसनीयता का मार्ग प्रशस्त होता है। आज के आधुनिक दौर में मीडिया जगत को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से घबराने की कतई आवश्यकता नहीं है, बल्कि हमें तकनीक को सीखकर उसके साथ आगे बढ़ना होगा।” — यशवंत व्यास, प्रसिद्ध व्यंग्यकार एवं वरिष्ठ पत्रकार

जयपुर में हिंदी पत्रकारिता पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में युवा पत्रकारों को सम्मानित करते वरिष्ठ पत्रकार पदम मेहता और यशवंत व्यास

विशिष्ट अतिथि और वरिष्ठ पत्रकार पदम मेहता ने कहा कि युवा पत्रकारों की लेखनी का मुख्य ध्येय आम जनता को राहत पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि गंभीर और खोजी पत्रकारिता पूरी तरह से समाज के प्रति समर्पण का कार्य है।

इन युवा पत्रकारों को मिला सम्मान

समारोह के दौरान पत्रकारिता जगत की दो महान विभूतियों की स्मृति में सम्मान प्रदान किए गए:

  1. स्व. श्याम आचार्य स्मृति सम्मान: “पोलिटिकल पंचायत” के हिंगलाज दान चारण को उनकी उत्कृष्ट राजनीतिक रिपोर्टिंग के लिए सम्मानित किया गया।
  2. स्व. श्रीगोपाल पुरोहित स्मृति सम्मान: दैनिक भास्कर डिजिटल के ओमप्रकाश को डिजिटल मीडिया में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए नवाजा गया।

तकनीकी सत्र: मीडिया में एआई का नैतिक उपयोग

आज के आधुनिक और डिजिटल युग की आवश्यकताओं को देखते हुए संगोष्ठी में एक विशेष तकनीकी सत्र ‘एआई का नैतिक उपयोग’ आयोजित किया गया। इस सत्र में विषय विशेषज्ञ प्रदीप बीदावत और आलोक आनंद ने उपस्थित पत्रकारों, प्राध्यापकों और जनसंचार के विद्यार्थियों को मीडिया टूल्स में एआई (AI Tools) के बेहतर, प्रामाणिक और नैतिक उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण व्यावहारिक जानकारियां दीं।

राजस्थान प्रौढ़ शिक्षण समिति सभागार में मीडिया में एआई के नैतिक उपयोग विषय पर व्याख्यान देते विशेषज्ञ प्रदीप बीदावत

स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारिता का योगदान

उद्घाटन सत्र में ‘पत्रकारिता के सफर’ पर चर्चा करते हुए हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (HJU) के कुलगुरु प्रो. एन. के. पांडे ने हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में तत्कालीन पत्र-पत्रिकाओं का अतुलनीय योगदान था। साहित्यिक पत्रिकाओं ने भी हिंदी शब्दकोश को समृद्ध करते हुए आजादी की अलख जगाने में अप्रत्यक्ष रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानेश उपाध्याय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि पत्रकारिता के अस्तित्व पर वर्तमान में कोई संकट नहीं है, यह विधा सदैव आबाद रहेगी। उन्होंने खुशी जताई कि आज देश की अन्य क्षेत्रीय भाषाएं भी देवनागरी लिपि को सहजता से स्वीकार कर रही हैं, जिससे हिंदी भाषा का वैश्विक स्तर पर निरंतर विकास हो रहा है।

सार्थक संवाद में जुटे दिग्गज

संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों के दौरान अभिषेक तिवारी, पंकज सोनी, अनुराग त्रिवेदी, आनंद जोशी, राजेंद्र बोड़ा, गरिमा श्रीवास्तव, तनु श्री मुखर्जी और लोकेश शर्मा सहित कई वरिष्ठ पत्रकारों ने समसामयिक विषयों पर सार्थक संवाद किया।

इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बनने के लिए देवकरण सैनी, संजय गुप्ता, अमित वर्मा, एडवोकेट अनुज शर्मा, जितेंद्र उपाध्याय, मुरारी गुप्ता, ईश्वर दत्त माथुर, राव शिवपाल सिंह, नीता भारद्वाज, सौमाद्रि शर्मा और मणिमाला शर्मा सहित बड़ी संख्या में मीडिया जगत के प्रबुद्धजन और जनसंचार के छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल और मंच संचालन अंकित तिवारी तथा राजेश मेठी ने किया।

राजस्थान में पंचायतों, ग्राम सभाओं और ग्रामीण योजनाओं से जुड़ी ताज़ा खबरें गाँव मंच के पंचायत सेक्शन में भी उपलब्ध हैं।

नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।

Scroll to Top