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जैविक खाद इस्तेमाल करने में पंजाब सबसे आगे, यूपी भी पीछे नहीं

पंजाब | देशभर के किसान अब रासायनिक खाद की बजाय जैविक खाद इस्तेमाल करने पर अधिक जोर दे रहे हैं। केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, खरीफ सीजन 2026 में जैविक खाद की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे साफ है कि किसान टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल खेती की ओर बढ़ रहे हैं।

11.17 लाख टन जैविक खाद की खरीद

मंत्रालय के अनुसार, किसानों ने मौजूदा खरीफ सीजन में 11.17 लाख मीट्रिक टन जैविक खाद खरीदी है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा केवल 3.20 लाख मीट्रिक टन था। यानी जैविक खाद की बिक्री में करीब 3.5 गुना बढ़ोतरी हुई है।

पंजाब के किसान सबसे आगे

जैविक खाद इस्तेमाल करने के मामले में पंजाब देश में पहले स्थान पर है। राज्य के किसानों ने इस सीजन में 2.83 लाख मीट्रिक टन जैविक खाद खरीदी है।

वहीं, उत्तर प्रदेश के किसानों ने 2.71 लाख मीट्रिक टन जैविक खाद खरीदकर दूसरा स्थान हासिल किया है। दोनों राज्यों ने जैविक खेती को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अन्य राज्यों का प्रदर्शन

जैविक खाद इस्तेमाल करने वाले अन्य प्रमुख राज्यों में हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं।

  • हरियाणा – 1.33 लाख मीट्रिक टन
  • मध्य प्रदेश – 1.25 लाख मीट्रिक टन
  • गुजरात – 0.96 लाख मीट्रिक टन
  • महाराष्ट्र – 0.84 लाख मीट्रिक टन

खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध

सरकार ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बावजूद देश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। खरीफ सीजन 2026 के लिए कुल 383.9 लाख मीट्रिक टन खाद की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया है।

इसके मुकाबले सरकार के पास 197.56 लाख मीट्रिक टन खाद का स्टॉक उपलब्ध है, जो कुल जरूरत का 51 प्रतिशत से अधिक है। सरकार का कहना है कि किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

जैविक खाद इस्तेमाल करने का चलन देशभर में तेजी से बढ़ रहा है। पंजाब और उत्तर प्रदेश इस बदलाव की अगुवाई कर रहे हैं। बढ़ती मांग यह संकेत देती है कि किसान अब टिकाऊ खेती और मिट्टी की बेहतर सेहत के लिए जैविक विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

लेखिका: तनु रूंगटा

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