Gaonmanch

किसान घर बैठे किराए पर मंगवा सकेंगे ट्रैक्टर-कृषि यंत्र, खेतों तक पहुंचाएगी कंपनी, घंटों के हिसाब से लगेगा किराया

गाँवमंच डेस्क, जयपुर राजस्थान के किसानों के लिए खेती को आसान और कम खर्चीला बनाने की दिशा में एक नई पहल की जा रही है। अब किसान घर बैठे मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए ट्रैक्टर, रोटावेटर और अन्य कृषि यंत्र किराए पर मंगवा सकेंगे। खास बात यह है कि बुकिंग के बाद संबंधित कंपनी मशीनों को सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचाएगी और किराया घंटों के हिसाब से लिया जाएगा।

छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा लाभ

  • राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं जिनके पास कम भूमि है और वे महंगे ट्रैक्टर या आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने में सक्षम नहीं हैं।
  • ऐसे किसानों को अक्सर समय पर मशीनें नहीं मिल पातीं या उन्हें अधिक किराया देना पड़ता है।
  • नई व्यवस्था से किसान जरूरत के अनुसार कुछ घंटों के लिए मशीन बुक कर सकेंगे,
  • जिससे खेती की लागत कम होगी और काम समय पर पूरा हो सकेगा।

मोबाइल से होगी आसान बुकिंग

  • किसान ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप पर पंजीकरण कर ट्रैक्टर, कल्टीवेटर, सीड ड्रिल, हैरो और
  • अन्य कृषि उपकरण बुक कर सकेंगे। बुकिंग के दौरान किसान को अपना जिला, गांव, आवश्यक यंत्र और
  • उपयोग का समय चुनना होगा। बुकिंग की पुष्टि होने के बाद मशीन सीधे खेत तक पहुंचा दी जाएगी।

घंटों के हिसाब से तय होगा किराया

  • मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सामान्य ट्रैक्टर का किराया लगभग ₹700 से ₹1200 प्रति घंटा और
  • रोटावेटर सहित ट्रैक्टर का किराया ₹1200 से ₹2000 प्रति घंटा तक हो सकता है।
  • हालांकि वास्तविक दरें क्षेत्र, मशीन की उपलब्धता और कार्य के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।

किसानों को होंगे कई फायदे

  • इस सेवा से किसानों को महंगे कृषि यंत्र खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  • मशीनों के रखरखाव, मरम्मत और भंडारण का खर्च भी नहीं उठाना होगा।
  • समय पर जुताई और बुवाई होने से फसल उत्पादन में सुधार की संभावना बढ़ेगी।
  • साथ ही श्रम और समय दोनों की बचत होगी और आधुनिक तकनीक का लाभ छोटे किसानों तक भी पहुंच सकेगा।

खेती के मशीनीकरण को मिलेगा बढ़ावा

  • यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में कस्टम हायरिंग मॉडल को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
  • इससे गांव स्तर तक आधुनिक कृषि यंत्रों की पहुंच बढ़ेगी और किसानों को पारंपरिक तरीकों
  • की तुलना में अधिक तेज और कुशल कृषि सेवाएं मिल सकेंगी।

अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।

https://rajkisan.rajasthan.gov.in

https://agriculture.rajasthan.gov.in

Edited by – Riddhima

Scroll to Top