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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयास ला रहे रंग आयुष्मान आरोग्य मंदिर बदल रहे राजस्थान में जनस्वास्थ्य की तस्वीर

गाँवमंच डेस्क, जयपुर 27 जुलाई। राजस्थान में गांव-ढाणी तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में आयुष्मान आरोग्य मंदिर राजस्थान एक बड़े बदलाव के रूप में उभरकर सामने आए हैं। पहले जहां सामान्य बीमारी के इलाज के लिए लोगों को कई किलोमीटर दूर अस्पताल जाना पड़ता था, वहीं अब गांव और मोहल्लों के पास ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों के स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, मानसिक स्वास्थ्य, बुजुर्गों की देखभाल, टेलीमेडिसिन और आवश्यक जांच एवं दवाइयों जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

राजस्थान में 11,500 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर सक्रिय

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति-2017 के अनुरूप प्रदेश में 18,436 स्वास्थ्य संस्थानों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप
  • में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया था। इनमें से अब तक लगभग 11,500 केंद्र पूरी तरह क्रियाशील हो चुके हैं।
  • वर्तमान में 8,370 उप स्वास्थ्य केंद्र, 2,107 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 286 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 728 शहरी जनता क्लिनिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।

गांव में ही मिल रही व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं

  • इन केंद्रों पर प्रशिक्षित कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO), एएनएम, स्टाफ नर्स और आशा कार्यकर्ता
  • सातों दिन सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
  • यहां गर्भावस्था एवं प्रसव सेवाएं, नवजात और शिशु स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, सामान्य ओपीडी, मधुमेह
  • और उच्च रक्तचाप की जांच, आंख-कान-नाक-गला सेवाएं, मुख स्वास्थ्य, बुजुर्गों की देखभाल, आपातकालीन
  • प्राथमिक उपचार और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध हैं।

ई-संजीवनी से 31 लाख से अधिक लोगों को मिला लाभ

  • आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा को व्यापक विस्तार मिला है।
  • इन केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों से डिजिटल माध्यम से जोड़ा गया है।
  • इससे मरीज अपने गांव के स्वास्थ्य केंद्र पर ही विशेषज्ञ डॉक्टरों से ऑनलाइन परामर्श प्राप्त कर रहे हैं।
  • राज्य में अब तक 31 लाख से अधिक लोग टेलीमेडिसिन सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं।

44 लाख से अधिक वेलनेस सत्र आयोजित

  • ये केंद्र केवल इलाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों को योग, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली
  • के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। राज्यभर में अब तक 44.49 लाख से अधिक वेलनेस सत्र आयोजित किए जा चुके हैं,
  • जिनसे लगभग 4 करोड़ नागरिक लाभान्वित हुए हैं।

मुफ्त दवाइयां और जरूरी जांच की सुविधा

  • आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर 121 प्रकार की आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
  • मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के ई-औषधि सॉफ्टवेयर के माध्यम से दवाओं की आपूर्ति की निगरानी की जा रही है।
  • इसके साथ ही 14 प्रकार की आवश्यक जांचें, जैसे हीमोग्लोबिन, गर्भावस्था जांच, ब्लड शुगर, मलेरिया, डेंगू, एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, सिफिलिस, मूत्र जांच और सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

जनस्वास्थ्य के नए मानकों की ओर बढ़ता राजस्थान

  • आयुष्मान आरोग्य मंदिरों ने स्वास्थ्य सेवाओं को अस्पताल-केंद्रित व्यवस्था से निकालकर समुदाय आधारित मॉडल में बदल दिया है।
  • अब लोगों को लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम हो गई है, विशेषज्ञ सलाह स्थानीय स्तर पर मिल रही है और
  • दवाइयां तथा जांचें निःशुल्क उपलब्ध हो रही हैं। राजस्थान में इन केंद्रों का तेजी से विस्तार इस बात का संकेत है
  • कि गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं अब आमजन के घरों के और अधिक करीब पहुंच रही हैं।

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https://ab-hwc.nhp.gov.in

https://esanjeevani.mohfw.gov.in

Edited by – Riddhima

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