गाँवमंच डेस्क, जयपुर 28 जुलाई। गुरु पूर्णिमा गुरु वंदन कार्यक्रम के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूंछरी का लौठा स्थित श्रीनाथजी मंदिर परिसर में आयोजित विशेष समारोह में संतों और गुरुओं का सम्मान एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न संत-महात्माओं को शॉल-दुपट्टा ओढ़ाकर और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया तथा गुरु परंपरा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
कार्यक्रम आध्यात्मिक वातावरण और भक्तिमय माहौल में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
गुरु परंपरा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है।
- गुरु केवल ज्ञान प्रदान करने वाले शिक्षक नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं।
- उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा का पर्व हमें अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता, सम्मान और सेवा का भाव विकसित करने की प्रेरणा देता है।
- उन्होंने संतों के आशीर्वाद को समाज के नैतिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा
- कि आध्यात्मिक मूल्यों से ही समाज में सद्भाव, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

संतों का शॉल-दुपट्टा ओढ़ाकर किया सम्मान
- गुरु पूर्णिमा गुरु वंदन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में उपस्थित विभिन्न संतों
- और धर्माचार्यों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार सम्मान किया। उन्होंने संतों को शॉल-दुपट्टा ओढ़ाया और श्रीफल भेंट किया।
- यह सम्मान समारोह गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति राज्य सरकार की आस्था को भी दर्शाता है।
श्रद्धालुओं को अपने हाथों से परोसी भोजन प्रसादी
- कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक क्षण तब रहा जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संतों और
- श्रद्धालुओं को अपने हाथों से भोजन प्रसादी परोसी। उन्होंने श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर आत्मीयता से प्रसादी वितरण किया,
- जिससे उपस्थित लोगों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण दिखाई दिया।
- श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री के इस सहज और सेवा भाव से परिपूर्ण व्यवहार की सराहना की।
जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
- इस अवसर पर गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम तथा विधायक डॉ. शैलेश सिंह भी उपस्थित रहे।
- उन्होंने भी संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया और गुरु पूर्णिमा पर्व की शुभकामनाएं दीं।
- कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, धार्मिक प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
श्रीनाथजी मंदिर परिसर में दिखा भक्तिमय वातावरण
- पूंछरी का लौठा स्थित श्रीनाथजी मंदिर परिसर गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विशेष रूप से सजाया गया था।
- भजन, कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच आयोजित गुरु पूर्णिमा गुरु वंदन कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने गुरु महिमा का गुणगान किया।
- मंदिर परिसर में पूरे समय भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सामाजिक समरसता और सेवा का संदेश
- मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, संस्कार और सामाजिक समरसता का भी संदेश देती है।
- उन्होंने युवाओं से संतों और गुरुओं के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
- उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक चेतना और मानवीय मूल्यों को मजबूत किए बिना विकसित समाज की कल्पना अधूरी है।
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन
- गुरु पूर्णिमा गुरु वंदन कार्यक्रम के माध्यम से राज्य में आध्यात्मिक परंपराओं, गुरु सम्मान
- और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।
- मुख्यमंत्री द्वारा संतों का सम्मान और श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी परोसना इस आयोजन का विशेष आकर्षण रहा।
- यह कार्यक्रम गुरु-शिष्य परंपरा के सम्मान, समाज में सकारात्मक मूल्यों के प्रसार
- और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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Edited by – Krishika Agarwal


