गाँव मंच डेस्क, जयपुर, 4 अगस्त 2026। राजस्थान के सहकारी बैंक कर्मचारियों का मुद्दा फिर चर्चा में है। वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को हटाने का विरोध तेज हो गया है। ऑल राजस्थान कोआपरेटिव बैंक एम्पलाईज यूनियन ने इसे श्रम कानूनों का उल्लंघन बताया है। यूनियन ने सहकारिता रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
यूनियन ने उठाया बड़ा मुद्दा
- ऑल राजस्थान कोआपरेटिव बैंक एम्पलाईज यूनियन के प्रांतीय महासचिव सूरज भान सिंह आमेरा ने यह मुद्दा उठाया।
- उन्होंने कहा कि कई सहकारी बैंकों में संविदा कर्मचारी लंबे समय से कार्यरत हैं। कुछ कर्मचारी 10 से 25 वर्षों तक सेवा दे चुके हैं।
- ऐसे कर्मचारियों को अचानक हटाना अमानवीय कदम है।
- इससे परिवारों की आजीविका प्रभावित होती है।

यूनियन ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। हटाए गए कर्मचारियों को तुरंत वापस लेने की मांग प्रमुख है। लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण की नीति बनाने की भी मांग की गई। साथ ही नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची, पीएफ, ईएसआई, बोनस और बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
किन बैंकों का मामला
- ज्ञापन में जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, अपैक्स बैंक और भूमि विकास बैंक का उल्लेख किया गया।
- इन संस्थानों में सहायक कर्मचारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों के रिक्त पद हैं।
- यूनियन का आरोप है कि रिक्त पद होने के बावजूद पुराने संविदा कर्मचारियों को हटाया जा रहा है।
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Edited by- Riddhima


