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विकसित राजस्थान 2047 युवाओं के कौशल और रोजगार के लिए यूनिसेफ के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर

गांवमंच डेस्क, जयपुर, 19 अगस्त। ‘विकसित राजस्थान@2047’ के विजन को साकार करने के लिए प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास, शिक्षा और रोजगार के बीच की राह को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में राजस्थान सरकार और यूनिसेफ (UNICEF) के बीच जारी सहयोग को अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाने को लेकर बुधवार को शासन सचिवालय में बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने की। इसमें यूनिसेफ के जनरेशन अनलिमिटेड की सीईओ डॉ. नादी अल्बिनो सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और यूनिसेफ के प्रतिनिधि मौजूद रहे। विकसित राजस्थान 2047 युवा कौशल

युवाओं के लिए कौशल, रोजगार और उद्यमिता पर फोकस

  • मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राज्य में युवाओं से जुड़े यूनिसेफ कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी
  • और परिणामोन्मुखी बनाया जाना जरूरी है।
  • उन्होंने कार्यक्रमों में बेहतर वैल्यू एडिशन, क्षमता संवर्धन और दीर्घकालिक प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
  • उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए कौशल विकास के साथ रोजगार और
  • उद्यमिता के अवसरों का विस्तार किया जाना चाहिए। इसके लिए मौजूदा
  • कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर लागू करने के साथ ठोस विस्तार रणनीति तैयार करने की आवश्यकता है। विकसित राजस्थान 2047 युवा कौशल

रोजगार अवसरों को एकीकृत करने पर जोर

  • मुख्य सचिव ने युवाओं के लिए उपलब्ध रोजगार अवसरों को एकीकृत करने
  • और लक्षित समूहों की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यक्रम तैयार करने की बात कही।
  • उन्होंने कस्टमाइज्ड ब्रांडिंग और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उपयुक्त वित्तीय पैकेज तैयार करने पर भी जोर दिया।
  • उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना नहीं होना चाहिए,
  • बल्कि उन्हें वास्तविक रोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना भी होना चाहिए।
  • इससे शिक्षा से रोजगार तक की पूरी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

राजीविका मॉडल का दिया उदाहरण

  • मुख्य सचिव ने राजस्थान में महिला सशक्तीकरण और आजीविका के क्षेत्र में संचालित राजीविका मिशन का उदाहरण दिया।
  • उन्होंने कहा कि राजीविका से जुड़ी महिलाएं सक्षम और कुशल बनी हैं तथा आजीविका के क्षेत्र में प्रभावी कार्य हुआ है।
  • उन्होंने यूनिसेफ के कार्यक्रमों में भी इसी तरह ठोस वैल्यू एडिशन और
  • व्यापक प्रभाव सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को इन पहलों का लाभ मिल सके।

डिजिटल गर्ल्स हब से 9,300 युवाओं को रोजगार से जोड़ा

  • यूनिसेफ के जनरेशन अनलिमिटेड की सीईओ डॉ. नादी अल्बिनो ने बैठक में यूथहब,
  • डिजिटल गर्ल्स हब, ‘आओ बनो फ्यूचर रेडी’, ‘दीदी की दुकान’ और ‘कम्प्यूटर दीदी सेंटर’
  • सहित विभिन्न पहलों की जानकारी दी।
  • उन्होंने बताया कि राजस्थान में डिजिटल गर्ल्स हब के माध्यम से करीब 9,300 युवा महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया है
  • इनमें लगभग 6,200 महिलाओं को पिछले छह महीनों में रोजगार मिला है।
  • यह पहल युवाओं, विशेष रूप से युवा महिलाओं को डिजिटल कौशल और
  • रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

यूनिसेफ के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर काम जारी

  • अतिरिक्त मुख्य सचिव, कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता संदीप वर्मा ने बताया कि
  • विभाग का यूनिसेफ के साथ वर्ष 2025 में एमओयू हुआ था।
  • इसके तहत रणनीति और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
  • उन्होंने बताया कि यूनिसेफ की ओर से उपलब्ध कराए गए प्रशिक्षण सहयोगियों के माध्यम
  • से युवाओं के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
  • इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को बदलती रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है।

‘युवा साथी’ योजना और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी चर्चा

  • अतिरिक्त मुख्य सचिव, युवा मामले एवं खेल प्रवीण गुप्ता ने बताया कि विभाग
  • ने यूनिसेफ के साथ ‘युवा साथी’ योजना के तहत काम किया है।
  • उन्होंने बताया कि माय भारत पोर्टल पर राजस्थान के करीब 21 लाख युवा पंजीकृत हैं,
  • जिसके चलते इस मामले में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है।
  • उन्होंने बताया कि युवाओं तक अवसरों और सूचनाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित
  • करने के लिए विवेकानंद पोर्टल और माय भारत पोर्टल के बीच बेहतर लिंकेज विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

विभिन्न विभागों ने साझा किए अनुभव

बैठक में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विभागों में यूनिसेफ के सहयोग से किए जा रहे कार्यों और उनसे हुए वैल्यू एडिशन की जानकारी दी। अधिकारियों ने सहयोग को और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न सुझाव भी प्रस्तुत किए।

बैठक में कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, युवा मामले एवं खेल, स्कूल शिक्षा, आयोजना एवं सांख्यिकी, पंचायती राज तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और यूनिसेफ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

राजस्थान सरकार और यूनिसेफ के बीच सहयोग को और व्यापक बनाने की यह पहल ‘विकसित राजस्थान@2047’ के लक्ष्य के अनुरूप युवाओं को कौशल, शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।

https://www.unicef.org/india/

https://rajasthan.gov.in/

Edited by – Krishika Agarwal

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