Gaonmanch

आपके नाम पर जारी फर्जी सिम बन सकता है साइबर अपराध का माध्यम

गाँव मंच डेस्क, जयपुर, 18 सितंबर। आपके नाम पर जारी कोई अनजान सिम बड़ी परेशानी बन सकता है। साइबर ठग पहचान दस्तावेजों का दुरुपयोग कर सकते हैं। वे चोरी किए गए बायोमेट्रिक डेटा का भी इस्तेमाल करते हैं। राजस्थान पुलिस ने इसको लेकर एडवाइजरी जारी की है।

फर्जी सिम से कैसे होता है साइबर अपराध

  • राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने लोगों को सतर्क किया है।
  • ठग फर्जी ई-केवाईसी के जरिए सिम जारी करा सकते हैं। इसके बाद इन सिम का इस्तेमाल साइबर अपराधों में होता है।
  • ठग फर्जी बैंक खाते और ऑनलाइन भुगतान एप चलाते हैं। ठगी की रकम इन खातों में भेजी जा सकती है।

घर बैठे जांचें अपने नाम के मोबाइल कनेक्शन

  • भारत सरकार का संचार साथी पोर्टल यह सुविधा देता है। यहां अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन देख सकते हैं।
  • इसके लिए पोर्टल पर “Know Mobile Connections in Your Name” विकल्प चुनें। मोबाइल नंबर दर्ज करके ओटीपी से सत्यापन करें।
  • इसके बाद आपके नाम से जुड़े नंबर दिखाई देंगे। हर नंबर को ध्यान से जांचें। अनजान नंबर मिलने पर उसे रिपोर्ट करें।
  • जरूरत नहीं वाले कनेक्शन को भी डिस्कनेक्ट कराया जा सकता है।

सिम और केवाईसी में रखें सावधानी

https://sancharsaathi.gov.in

https://police.rajasthan.gov.in

Edited by- Krishika Agarwal

Scroll to Top