जयपुर, 20 सितंबर 2026। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकारी स्कूलों की मरम्मत को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। जूली ने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव नजदीक आने के बाद सरकार ने विद्यालयों के सुधार के लिए बजट स्वीकृत किया है।
टीकाराम जूली ने कहा कि झालावाड़ के पीपलोदी में सरकारी विद्यालय की छत गिरने से सात बच्चों की मौत जैसी त्रासदी के बाद भी सरकार ने जर्जर स्कूलों की स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव नजदीक आते ही स्कूलों की मरम्मत के लिए बजट क्यों स्वीकृत किया गया।

दीप जलाने में उत्साह, स्कूलों की मरम्मत में क्यों नहीं?
- नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर दीप जलाने
- और कार्यक्रमों को लेकर उत्साहित रहती है।
- ऐसे में जर्जर विद्यालयों की मरम्मत और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए।
- जूली ने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं और भवनों की स्थिति चिंता का विषय है।
- उनके अनुसार बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में सरकार को पहले से प्रभावी कदम उठाने चाहिए थे।
472 स्कूलों के लिए 401 करोड़ रुपये की मंजूरी
- टीकाराम जूली ने दावा किया कि पंचायत चुनाव नजदीक आने के बाद
- सरकार ने 472 विद्यालयों के सुधार के लिए 401 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
- उन्होंने कहा कि अब सरकार इस बजट को अपनी उपलब्धि के तौर पर प्रचारित करेगी।
- नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि स्वीकृत बजट से वास्तव में धरातल पर कितना काम होगा।
- उन्होंने काम पूरा होने की समयसीमा को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।
चुनावी मजबूरी में काम का आरोप
- जूली ने आरोप लगाया कि विद्यालयों की मरम्मत के लिए बजट स्वीकृति चुनावी मजबूरी के कारण की गई है।
- उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन विद्यालयों में सुधार कार्य कब तक पूरे होंगे।
- उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अब करीब दो साल का समय बचा है।
- जूली के मुताबिक शासन का अंतिम वर्ष चुनावी तैयारियों में निकल जाता है।
- ऐसे में सरकार के पास वास्तविक विकास कार्यों के लिए सीमित समय बचा है।
सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
- नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा
- कि विद्यालयों की मरम्मत जैसे जरूरी काम समय रहते होने चाहिए।
- उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की।
- जूली ने कहा कि केवल बजट स्वीकृत करना पर्याप्त नहीं है।
- विद्यालयों में वास्तविक सुधार दिखाई देना चाहिए। साथ ही, मरम्मत
- और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी भी जरूरी है।
- उन्होंने सरकार से स्कूलों की स्थिति, स्वीकृत बजट और निर्माण कार्यों की प्रगति
- को लेकर पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
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Edited by – Krishika Agarwal


