गाँव मंच डेस्क, राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विकेंद्रीकरण पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पंचायतों को विकास की प्रमुख इकाई बनाने की योजना है। इसका उद्देश्य स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता देना है।
पंचायतों को मिलेगी विकास कार्यों में अधिक भूमिका
प्रस्ताव के अनुसार, जिला परिषद और पंचायत समिति के प्रत्येक निर्वाचित सदस्य को विशेष अधिकार मिलेगा। वे अपने क्षेत्र की स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्य प्रस्तावित कर सकेंगे। प्रत्येक सदस्य कम से कम एक प्राथमिक विकास कार्य प्रस्तावित करवा सकेगा। साथ ही, उसे स्वीकृत कराने का अधिकार भी देने की योजना है।
ग्राम सभा की भागीदारी से बनेगा मास्टर प्लान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ग्राम पंचायतों के दीर्घकालिक विकास की योजना प्रस्तावित है। इसके तहत ग्राम सभा की भागीदारी से प्रत्येक पंचायत का विकास मास्टर प्लान तैयार होगा। इस योजना में ग्रामीणों की जरूरतों और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाएगा।
विकास कार्यों की निगरानी और जवाबदेही पर जोर

- योजना में केवल विकास कार्यों का प्रस्ताव तैयार करना ही उद्देश्य नहीं है।
- उनकी प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा भी महत्वपूर्ण होगी।
- ग्राम सभा की भागीदारी से योजनाओं की निगरानी करने पर जोर दिया जाएगा।
- इससे ग्रामीणों को विकास प्रक्रिया से जोड़ने में मदद मिल सकती है।
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Edited by- Riddhima


