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WhatsApp अकाउंट हैक से बचें: फर्जी QR कोड को लेकर राजस्थान पुलिस की एडवाइजरी

गांव मंच डेस्क, जयपुर, 21 अक्टूबर 2026। व्हाट्सएप का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए साइबर सुरक्षा बेहद जरूरी है। साइबर ठग अब फर्जी क्यूआर कोड के जरिए अकाउंट पर कब्जा कर रहे हैं। इसके बाद वे परिचितों से इलाज और इमरजेंसी के नाम पर पैसे मांगते हैं। राजस्थान पुलिस ने इस नए साइबर फर्जीवाड़े को लेकर एडवाइजरी जारी की है।

फर्जी QR कोड से कैसे होता है WhatsApp अकाउंट हैक?

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार यह एडवाइजरी जारी हुई है। राजस्थान पुलिस की आर-फोर-सी साइबर क्राइम शाखा ने लोगों को सावधान किया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वी.के. सिंह ने ठगी के तरीकों की जानकारी दी। उनके अनुसार, ठग फर्जी क्यूआर कोड और सोशल इंजीनियरिंग का सहारा लेते हैं।

अकाउंट हैक होने पर ऐसे करते हैं ठगी

अकाउंट का नियंत्रण मिलते ही ठग संपर्क सूची को निशाना बनाते हैं। वे परिचितों को इमरजेंसी या इलाज का हवाला देकर पैसे मांगते हैं। कई मामलों में संदिग्ध लिंक भेजकर अन्य लोगों को भी फंसाने की कोशिश होती है। इसलिए किसी भी अचानक आई आर्थिक मांग पर तुरंत भरोसा न करें।

WhatsApp हैक होने के संकेत पहचानें

  • सबसे पहले लिंक्ड डिवाइसेस में जाकर अनजान डिवाइस लॉग आउट करें।
  • अपने मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप दोबारा रजिस्टर करें। टू-स्टेप वेरिफिकेशन और ईमेल की सुरक्षा भी जांचें।
  • संदिग्ध ऐप हटाकर उसकी अनुमतियां जांचें। अपने संपर्कों को दूसरे माध्यम से संभावित ठगी की जानकारी दें।

https://www.cybercrime.gov.in

https://www.whatsapp.com

Edited by- Krishika Agarwal

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