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भारत में रीजेनरेटिव एग्रीकल्चर क्यों जरूरी है, जानें इसके फायदे

ग्राम मंच डेस्क जयपुर,खेती की सफलता केवल अच्छी पैदावार से तय नहीं होती। मिट्टी की सेहत, पानी की उपलब्धता और बदलता मौसम भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में रीजेनरेटिव एग्रीकल्चर खेती को बेहतर बनाने का एक महत्वपूर्ण तरीका बन रहा है। इसका उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना और प्राकृतिक संसाधनों को बचाना है।

रीजेनरेटिव एग्रीकल्चर क्या है?

रीजेनरेटिव एग्रीकल्चर को पुनर्योजी कृषि भी कहा जाता है। इसमें मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और जैव विविधता बढ़ाने पर जोर दिया जाता है। यह खेती की जमीन को केवल बचाने तक सीमित नहीं है। इसका लक्ष्य जमीन की सेहत में लगातार सुधार करना है।

भारत को इसकी जरूरत क्यों है?

भारत में कृषि और संबंधित क्षेत्रों ने पिछले वर्षों में अच्छी वृद्धि दर्ज की है। हालांकि, गहन खेती और रसायनों का अत्यधिक इस्तेमाल मिट्टी पर दबाव डाल सकता है। अनियमित बारिश, सूखा और लू किसानों की मुश्किलें बढ़ाते हैं। छोटे और सीमांत किसानों पर इन परिस्थितियों का विशेष असर पड़ता है।

कौन-सी तकनीकें अपनाई जाती हैं?

इसमें कई कृषि पद्धतियों को एक साथ अपनाया जाता है। ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई से पानी की बर्बादी घट सकती है।

https://pmksy.gov.in

https://agriwelfare.gov.in

Edited by- Krishika Agarwal

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