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राजस्थान में ‘मा’ योजना से अंग प्रत्यारोपण को मिली नई दिशा, 1,310 किडनी और 563 बोन मैरो ट्रांसप्लांट

जयपुर, 28 अक्टूबर। राजस्थान में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (मा) योजना गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। योजना के तहत अंग प्रत्यारोपण जैसी जटिल और महंगी चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य सरकार के अनुसार, वर्तमान सरकार के 34 माह के कार्यकाल में करीब 2,000 ट्रांसप्लांट किए गए हैं। इसके साथ ही 671 लाभार्थियों को कॉक्लियर इम्प्लांट की सुविधा भी मिली है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर संचालित इस योजना का उद्देश्य आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी भी जरूरतमंद मरीज का उपचार बाधित होने से बचाना है। योजना के तहत किडनी, बोन मैरो, लिवर और हृदय प्रत्यारोपण सहित विभिन्न गंभीर उपचारों के लिए सहायता उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना से मरीजों को राहत

  • अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया न केवल चिकित्सकीय रूप से जटिल होती है, बल्कि इसका खर्च भी कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
  • ऐसे में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत मिलने वाली कैशलेस उपचार सुविधा मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक राहत प्रदान करती है।
  • राज्य सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में योजना
  • के माध्यम से अंग प्रत्यारोपण के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। इससे गंभीर बीमारियों का
  • सामना कर रहे जरूरतमंद मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने के प्रयासों को गति मिली है।

किडनी ट्रांसप्लांट: 1,310 मरीजों को मिली सुविधा

  • किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए प्रत्यारोपण जीवन बचाने वाला उपचार साबित हो सकता है।
  • मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत वर्तमान सरकार के कार्यकाल में
  • अब तक 1,310 मरीजों को कैशलेस किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
  • राज्य सरकार के अनुसार, पूर्ववर्ती सरकार के पूरे कार्यकाल में यह संख्या 748 थी।
  • वहीं, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में किडनी प्रत्यारोपण पर करीब 58 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं।
  • इस सुविधा से उन परिवारों को सहायता मिलती है, जिनके लिए महंगे उपचार का खर्च वहन करना मुश्किल होता है।

बोन मैरो ट्रांसप्लांट: 563 मरीजों को मिली सहायता

  • बोन मैरो ट्रांसप्लांट गंभीर बीमारियों के उपचार की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
  • योजना के अंतर्गत इस सुविधा का लाभ लेने वाले मरीजों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
  • सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में 88 लाभार्थियों को बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा मिली थी,
  • जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में यह संख्या बढ़कर 563 लाभार्थियों तक पहुंच गई है।
  • इस उपचार पर व्यय की गई राशि भी पूर्ववर्ती सरकार के समय के 5.74 करोड़ रुपये से
  • बढ़कर वर्तमान सरकार के कार्यकाल में करीब 35 करोड़ रुपये हो गई है।

लिवर और हृदय प्रत्यारोपण में भी मिली सहायता

  • मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत लिवर और हृदय प्रत्यारोपण के मामलों में भी मरीजों को सहायता उपलब्ध कराई गई है।
  • राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 112 मरीजों को लिवर ट्रांसप्लांट के लिए सहायता मिली,
  • जबकि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में यह संख्या 60 थी।
  • इसके अतिरिक्त, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 9 मरीजों का हृदय प्रत्यारोपण किया गया।
  • इन सुविधाओं का उद्देश्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

कॉक्लियर इम्प्लांट के 671 मामले

  • योजना के तहत कॉक्लियर इम्प्लांट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
  • सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान सरकार के 34 माह के कार्यकाल में 671 लाभार्थियों का कॉक्लियर इम्प्लांट किया गया।
  • इसकी तुलना में पूर्ववर्ती सरकार के पांच साल के कार्यकाल में यह संख्या 366 थी।
  • कॉक्लियर इम्प्लांट सुनने में गंभीर कठिनाई का सामना कर रहे पात्र मरीजों के लिए उपयोगी चिकित्सा विकल्प है।
  • इस सुविधा के विस्तार से ऐसे लाभार्थियों को उपचार तक पहुंच बनाने में सहायता मिली है।

दूसरे राज्यों में भी अंग प्रत्यारोपण की सुविधा

  • मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी की सुविधा शुरू किए जाने से
  • पात्र लाभार्थियों को दूसरे राज्यों में भी अंग प्रत्यारोपण के लिए सहायता मिल सकती है।
  • राज्य सरकार के अनुसार, दूसरे राज्यों में अंग प्रत्यारोपण से जुड़े 106 मामलों में करीब 6 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई।
  • इनमें 79 किडनी ट्रांसप्लांट, 12 लिवर ट्रांसप्लांट, 8 बोन मैरो ट्रांसप्लांट, 4 लंग ट्रांसप्लांट और 3 हार्ट ट्रांसप्लांट के मामले शामिल हैं।
  • इस सुविधा से जरूरतमंद मरीजों को अपने राज्य से बाहर उपचार प्राप्त करने के दौरान योजना का लाभ लेने का अवसर मिला है।

50 लाख लोगों को कैशलेस उपचार, 10,678 करोड़ रुपये खर्च

  • राज्य सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के दायरे को व्यापक बनाने के लिए उपचार पैकेजों की संख्या बढ़ाई गई है।
  • पूर्ववर्ती सरकार के समय लगभग 1,800 पैकेज थे, जिन्हें बढ़ाकर करीब 2,200 कर दिया गया है।
  • सरकार का कहना है कि पैकेजों के विस्तार से सामान्य बीमारियों से लेकर रोबोटिक सर्जरी
  • तक विभिन्न प्रकार के उपचारों को योजना के दायरे में लाने में मदद मिली है।
  • इसका लाभ नवजात शिशुओं से लेकर बुजुर्गों तक पात्र मरीजों को मिल सकता है।
  • पिछले 34 माह में योजना के तहत करीब 50 लाख लोगों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया।
  • इस पर राज्य सरकार की ओर से लगभग 10,678 करोड़ रुपये व्यय किए जाने की जानकारी दी गई है।

आर्थिक मजबूरी उपचार में बाधा न बने: राज्य सरकार

  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनुसार, राज्य सरकार का प्रयास है कि आर्थिक विवशता किसी जरूरतमंद मरीज के उपचार में बाधा नहीं बने।
  • गंभीर बीमारी के समय परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना
  • और उपचार के खर्च का बोझ कम करना सरकार की जनकल्याणकारी प्राथमिकताओं में शामिल है।
  • मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत अंग प्रत्यारोपण और अन्य गंभीर उपचारों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सहायता इसी दिशा
  • में एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना के माध्यम से पात्र मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराने
  • और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।

गांवमंच डेस्क

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edited by -Krishika Agarwal

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