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नमो ड्रोन दीदी योजना: किसानों की मददगार बनी नई तकनीक

गांव मंच डेस्क, जयपुर कुछ साल पहले तक गांवों में ड्रोन का नाम सुनना भी लोगों के लिए नई बात थी, लेकिन आज यही ड्रोन किसानों के खेतों में फसलों की सुरक्षा का काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार की नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत झारखंड के दुमका, गोड्डा और साहिबगंज जिलों में ड्रोन तकनीक तेजी से किसानों तक पहुंच रही है। यहां प्रशिक्षित ड्रोन दीदी और ड्रोन उद्यमी खेतों में उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव कर रहे हैं, जिससे किसानों का काम पहले की तुलना में कहीं आसान हो गया है।

कीटों से बचाव में बन रहा मददगार

6 जून को मनाए जाने वाले वर्ल्ड पेस्ट डे के मौके पर यह पहल खास महत्व रखती है। खेती में कीटों की भूमिका अहम होती है, लेकिन जब इनकी संख्या जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है तो फसल को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। पहले किसानों को घंटों खेतों में घूमकर दवा का छिड़काव करना पड़ता था, लेकिन अब ड्रोन कुछ ही मिनटों में बड़े क्षेत्र को कवर कर लेते हैं। इससे दवा का छिड़काव भी बराबर होता है और फसलों को बेहतर सुरक्षा मिलती है।

महिलाएं बन रही हैं बदलाव की पहचान

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया गया है। ये महिलाएं अब सिर्फ अपने परिवार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांव के किसानों की मदद कर रही हैं और अपनी अलग पहचान बना रही हैं। ड्रोन दीदी के रूप में वे तकनीक और खेती के बीच एक मजबूत कड़ी बनकर उभरी हैं। इससे महिलाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिले हैं और उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है।

समय, मेहनत और लागत तीनों की बचत

किसानों का कहना है कि ड्रोन के इस्तेमाल से उनका काफी समय बच रहा है। जहां पहले एक खेत में छिड़काव करने में कई घंटे लग जाते थे, वहीं अब वही काम कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाता है। मजदूरी का खर्च कम होता है और दवाओं का उपयोग भी जरूरत के मुताबिक होता है। इससे खेती की लागत घटती है और उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद बढ़ जाती है।

आधुनिक खेती की ओर बढ़ता संताल परगना

दुमका, गोड्डा और साहिबगंज में ड्रोन तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल यह दिखाता है कि अब खेती भी तेजी से आधुनिक हो रही है। किसान नई तकनीकों को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं और इसके सकारात्मक परिणाम भी दिखाई देने लगे हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि गांवों में तकनीक, महिला सशक्तिकरण और बेहतर खेती का नया अध्याय बनती जा रही है। आने वाले समय में यह पहल और अधिक किसानों की जिंदगी आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

Edited by AI-

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