गांव मंच डेस्क, उत्तरप्रदेश। गन्ना देश की सबसे महत्वपूर्ण नकदी फसलों में से एक है, लेकिन गर्मियों का मौसम किसानों के लिए कई चुनौतियां लेकर आता है। बढ़ता तापमान, पानी की कमी और कीट-रोगों का खतरा फसल की बढ़वार को प्रभावित कर सकता है। कई बार थोड़ी सी लापरवाही भी उत्पादन में बड़ी गिरावट का कारण बन जाती है। ऐसे में समय रहते सही कदम उठाकर किसान अपनी फसल को सुरक्षित रखने के साथ-साथ बेहतर पैदावार भी हासिल कर सकते हैं।
पानी की कमी से घट सकता है उत्पादन
गर्मी के दिनों में गन्ने की फसल को पर्याप्त नमी की जरूरत होती है। यदि खेत में पानी की कमी हो जाए तो पौधों की बढ़वार धीमी पड़ जाती है, पत्तियां सूखने लगती हैं और गन्ने का वजन भी कम हो सकता है। इसका सीधा असर उत्पादन और किसानों की आय पर पड़ता है।
क्या करें?
विशेषज्ञों की सलाह है कि किसान नियमित सिंचाई करें और जहां संभव हो वहां ड्रिप इरिगेशन तकनीक अपनाएं। इसके अलावा गन्ने की सूखी पत्तियों से मल्चिंग करने पर मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है और पानी की बचत भी होती है।
कीट और रोगों पर रखें नजर
गर्मी के मौसम में पायरिला, शूट बोरर और सफेद मक्खी जैसे कीट तेजी से फैल सकते हैं। वहीं रेड रॉट जैसी बीमारियां भी फसल को नुकसान पहुंचा सकती हैं। यदि समय पर नियंत्रण न किया जाए तो उत्पादन में कमी आ सकती है।
गन्ने की फसल को सुरक्षित रखें (Protect your Sugarcane Crop.)
क्या करें?
सप्ताह में कम से कम एक बार खेत का निरीक्षण करें। किसी भी प्रकार के रोग या कीट के शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत कृषि विशेषज्ञों की सलाह लें और उचित प्रबंधन अपनाएं।

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संतुलित पोषण भी है जरूरी
अच्छी पैदावार के लिए केवल पानी ही नहीं, बल्कि संतुलित पोषण भी जरूरी है। मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी होने पर फसल कमजोर पड़ सकती है।
क्या करें?
मिट्टी परीक्षण के आधार पर खाद और उर्वरकों का प्रयोग करें। सूक्ष्म पोषक तत्वों का उपयोग भी फसल की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है।
गर्मी के मौसम में थोड़ी सी सावधानी और सही प्रबंधन किसानों को बड़े नुकसान से बचा सकता है। समय पर सिंचाई, कीट-रोग नियंत्रण और पोषण प्रबंधन अपनाकर किसान गन्ने की बेहतर पैदावार के साथ अधिक मुनाफा भी कमा सकते हैं।
Protect your Sugarcane Crop.
Krishi Vigyan Kendra (KVK) Portal
Indian Council of Agricultural Research (ICAR)
Edited by AI


