गांव मंच डेस्क, 11 जून। भारतीय मिर्च निर्यात को बड़ा झटका लगा है। चीन ने कीटनाशक अवशेष मिलने पर भारतीय सूखी लाल मिर्च की 3 खेपों को खारिज कर दिया है
और तीन भारतीय निर्यातक कंपनियों पर अस्थायी रोक लगा दी है।
भारतीय मिर्च निर्यात पर चीन की सख्ती
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में चीन ने भारतीय चावल की कुछ खेपों को भी वापस लौटा दिया था।
लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों ने भारतीय कृषि निर्यात क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है।
क्यों उठाया गया यह कदम
विशेषज्ञों के अनुसार, मेथामिडोफोस एक कीटनाशक रसायन है, जिसकी अधिक मात्रा मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
चीन ने इसी आधार पर मिर्च की खेपों को अस्वीकार किया है।
चीन है भारतीय मिर्च का सबसे बड़ा बाजार
भारत से निर्यात होने वाली लाल मिर्च का बड़ा हिस्सा चीन जाता है।
वहां इसका उपयोग ओलियोरेजिन (मसाला अर्क), खाद्य प्रसंस्करण और अन्य खाद्य उत्पादों में किया जाता है, जिससे इसकी मांग लगातार बनी रहती है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था निर्यात
भारत से चीन को हर साल लगभग 1.5 लाख से 1.9 लाख टन लाल मिर्च का निर्यात होता है।
वर्ष 2024-25 में चीन को मिर्च निर्यात 31 प्रतिशत बढ़कर 2.36 लाख टन तक पहुंच गया था।
वहीं, भारत का कुल लाल मिर्च निर्यात 19 प्रतिशत बढ़कर 7.15 लाख टन दर्ज किया गया।
बढ़ सकती हैं निर्यातकों की मुश्किलें
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की इस कार्रवाई से भारतीय मिर्च निर्यातकों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
यदि गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन नहीं किया गया, तो भविष्य में निर्यात कारोबार पर और दबाव बढ़ सकता है।
यह सुचना यहां से प्राप्त हुई हैं | https://www.kisanindia.in/agriculture-money/china-rejected-three-consignments-red-chilli-sent-from-india-133527.html
लेखिका- हीना शर्मा


