गांवमंच डेस्क, जयपुर
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) का 9वां राष्ट्रीय अधिवेशन 8 और 9 अगस्त 2026 को केरल की राजधानी त्रिवेंद्रम में आयोजित किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर से बैंकिंग क्षेत्र के अधिकारी प्रतिनिधि भाग लेंगे।
एआईबीओए के राजस्थान महासचिव नरेश शर्मा ने बताया कि अधिवेशन में कश्मीर से कन्याकुमारी तक सभी कमर्शियल बैंक, सहकारी बैंक, ग्रामीण बैंक और निजी बैंकों से लगभग 1500 अधिकारी प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह अधिवेशन बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े विभिन्न नीतिगत और कर्मचारी हितों के मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर पर मंथन का महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।
राजस्थान से सहकारी बैंकों का प्रतिनिधित्व करेंगे आमेरा
राजस्थान से सहकारी बैंकों का प्रतिनिधित्व करने के लिए एआईबीओए के संयुक्त सचिव और सहकार नेता सूरज भान सिंह आमेरा त्रिवेंद्रम पहुंच चुके हैं।
उनके साथ राजस्थान से लोकेश मिश्रा, विपिन वर्मा, लोकेश यादव, भरत चितारा, अशोक लोकवानी, भंवरू राम डूडी, नितिन गुप्ता, सलीम खान और योगेश गहलोत सहित विभिन्न बैंकों के 18 अधिकारी प्रतिनिधि भी अधिवेशन में भाग लेने के लिए रवाना हुए हैं।

अधिवेशन में उठेंगे बैंकिंग क्षेत्र के महत्वपूर्ण मुद्दे
सूरज भान सिंह आमेरा ने बताया कि राष्ट्रीय अधिवेशन में बैंक अधिकारियों और सहकारी बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।
प्रमुख मुद्दे
- बैंकों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करना
- अधिकारियों के लिए रेगुलेटेड कार्य घंटे
- बैंक कर्मचारियों से गैर-बैंकिंग कार्य कराए जाने पर रोक
- थर्ड पार्टी प्रोडक्ट की मिस-सेलिंग पर नियंत्रण
- बैंक निजीकरण का विरोध
- पेंशन संबंधी मांगें
- सहकारी बैंकों में टू-टियर बैंकिंग व्यवस्था लागू करना
- अपैक्स और सीसीबी सहकारी बैंकों के नेट बैंकिंग और व्यवसाय विस्तार मानदंडों में बदलाव
- सहकारी बैंकों में एमडी पद के लिए “फिट एंड प्रॉपर” नीति लागू करना
सहकारी बैंकिंग सुधारों पर रहेगा विशेष फोकस
- अधिवेशन में विशेष रूप से सहकारी बैंकिंग क्षेत्र के आधुनिकीकरण और पारदर्शिता पर जोर दिया जाएगा।
- नेट बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, व्यवसायिक मानकों में सुधार और
- प्रबंधन स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत बदलावों पर विचार किया जाएगा।
- विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रस्तावों से सहकारी बैंकों की कार्यक्षमता, डिजिटल सेवाओं और वित्तीय समावेशन को मजबूती मिल सकती है।
राष्ट्रीय स्तर पर बैंक अधिकारियों का बड़ा मंच
- AIBOA का यह अधिवेशन देश के बैंक अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच है,
- जहां कर्मचारी हित, बैंकिंग सुधार, डिजिटल बैंकिंग, कार्य परिस्थितियां और
- सार्वजनिक बैंकिंग व्यवस्था जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा होती है।
- बैंकिंग क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी और नीतिगत बदलावों के बीच यह अधिवेशन भविष्य की चुनौतियों और
- समाधान पर साझा रणनीति तैयार करने का अवसर प्रदान करेगा।
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Edited by – Krishika Agarwal


