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जेकेके में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह, राज्यवर्धन राठौड़ ने बुनकरों को किया सम्मानित

गांवमंच डेस्क, जयपुर

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जवाहर कला केंद्र (जेकेके) में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान दिलाई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री समय-समय पर देश के बुनकरों द्वारा तैयार किए गए वस्त्र धारण कर भारतीय संस्कृति और पारंपरिक बुनाई कला को वैश्विक मंच पर सम्मान दिला रहे हैं।

हाथ से बने वस्त्रों की अपनी अलग कहानी

कर्नल राठौड़ ने कहा कि हाथ से बने प्रत्येक वस्त्र का हर रेशा एक प्रेरक कहानी को दर्शाता है। यही कारण है कि आज दुनिया के कई बड़े और प्रतिष्ठित ब्रांड भारतीय बुनकरों के साथ जुड़ रहे हैं।

उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे हथकरघा वस्त्र पहनें और उनकी निर्माण प्रक्रिया की कहानी सोशल मीडिया पर साझा करें। इससे स्थानीय बुनकरों को प्रोत्साहन मिलेगा और हथकरघा उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

प्रदर्शनी में दिखी राजस्थान की बुनाई कला

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने हथकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न जिलों से आए बुनकरों से संवाद किया।

प्रदर्शनी में प्रदर्शित प्रमुख उत्पाद:

  • कोटा डोरिया साड़ी
  • पंजा दरी
  • मालानी पट्टू
  • खेस
  • हैंडलूम बेडशीट
  • दुपट्टे
  • कुशन कवर
  • ऊनी वस्त्र
  • इंडिगो आधारित हथकरघा वस्त्र
  • साफा एवं पगड़ी के कपड़े

भारत सरकार के बुनकर सेवा केंद्र द्वारा हथकरघा प्रौद्योगिकी पर आधारित विशेष थीम पवेलियन भी तैयार किया गया।

उत्कृष्ट बुनकरों को राज्य स्तरीय पुरस्कार

समारोह में उत्कृष्ट बुनकरों को राज्य स्तरीय बुनकर पुरस्कार प्रदान किए गए।

पुरस्कारसम्मानित बुनकरजिलाउत्पाद
प्रथमश्री कानारामजालोरकॉटन एवं सिल्क साड़ी
द्वितीयश्री सोहनरामनागौरकलात्मक दरी
तृतीयश्रीमती धापूबाईझालावाड़तोता गागरौनी डबल बेडशीट
सांत्वनाश्री दिनेश भोबरियाजोधपुरपंजा दरी
सांत्वनाश्रीमती कबूबाड़मेरटेबल कवर

9 अगस्त तक चलेगी तीन दिवसीय प्रदर्शनी

जेकेके में आयोजित तीन दिवसीय हथकरघा प्रदर्शनी 9 अगस्त तक चलेगी। इसमें प्रदेशभर के करीब 60 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां बुनकर अपने उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय कर रहे हैं।

यह प्रदर्शनी न केवल पारंपरिक बुनाई कला को बढ़ावा दे रही है, बल्कि बुनकरों को प्रत्यक्ष बाजार उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण मंच भी प्रदान कर रही है।

बाड़मेर के युवा बुनकर को मिला राष्ट्रीय सम्मान

राजस्थान के लिए यह अवसर और भी गौरवपूर्ण रहा क्योंकि बाड़मेर जिले के सेड़वा क्षेत्र के आलिसरो की बस्ती निवासी युवा बुनकर श्री बरीगा राम को उनकी पट्टू साड़ी बुनाई कला के लिए राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। जेकेके में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इस राष्ट्रीय समारोह का लाइव प्रसारण भी किया गया।

बुनकरों को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल, राजस्थान हथकरघा विकास निगम की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नम्रता वृष्णि, रीको के प्रबंध निदेशक सुरेश ओला तथा राजस्थान राज्य बुनकर संघ के प्रबंध निदेशक महावीर प्रसाद मीणा सहित बड़ी संख्या में बुनकर और अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र के संरक्षण, विपणन और तकनीकी उन्नयन के लिए विभिन्न योजनाओं को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।

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Edited by – Krishika Agarwal

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