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जयपुर में BRICS व्यापार मंत्रियों की बैठक, वैश्विक व्यापार और आर्थिक सहयोग पर बनी सहमति

गांवमंच डेस्क, जयपुर

राजस्थान की राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक रामबाग पैलेस स्थित सवाई मान महल में आयोजित BRICS देशों के व्यापार मंत्रियों की बैठक में वैश्विक व्यापार, निवेश, आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने की।

बैठक में BRICS मंत्रिस्तरीय घोषणा को अपनाया गया और सदस्य देशों ने भविष्य की व्यापारिक साझेदारी को नई दिशा देने के लिए अपने विचार साझा किए।

व्यापार और निवेश सहयोग पर जोर

अपने संबोधन में पीयूष गोयल ने कहा कि भारत BRICS देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार, आयात-निर्यात, MSME क्षेत्र, बैंकिंग सहयोग, निवेश और डिजिटल कॉमर्स को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि BRICS देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी वैश्विक व्यापार प्रणाली को अधिक समावेशी, पारदर्शी और संतुलित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

नई तकनीकों से रोजगार के अवसर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य उभरती तकनीकों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। इन तकनीकों का उपयोग सदस्य देशों के बीच औद्योगिक और आर्थिक सहयोग को और अधिक मजबूत करने के लिए किया जाना चाहिए।

उन्होंने नवाचार आधारित विकास को भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बताया।

सेवा क्षेत्र और पर्यटन को बताया भविष्य की ताकत

पीयूष गोयल ने सेवा क्षेत्र, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी को भविष्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि भारत की “अतिथि देवो भवः” की परंपरा विश्वभर में सराही जाती है।

उन्होंने कहा कि जयपुर में आयोजित बैठक के दौरान विदेशी प्रतिनिधियों ने भारत और राजस्थान की आतिथ्य संस्कृति, विरासत और पर्यटन क्षमता की विशेष प्रशंसा की।

BRICS मुद्रा पर भारत का स्पष्ट रुख

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी BRICS मुद्रा के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत का ध्यान डिजिटल कॉमर्स और ई-कॉमर्स को मजबूत बनाने पर केंद्रित है ताकि छोटे और मध्यम उद्यमों को वैश्विक बाजारों तक पहुंच मिल सके।

MSME और पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का प्रयास

सरकार द्वारा हैंडलूम, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, फुटवियर, कृषि और मत्स्य उत्पादों सहित MSME क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

पीयूष गोयल ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स के विस्तार से भारत के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने में मदद मिल रही है।

बैठक में ये नेता और प्रतिनिधि रहे मौजूद

  • बैठक में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जतिन प्रसाद के साथ BRICS देशों के
  • उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल उपस्थित रहे।
  • सदस्य देशों ने आपूर्ति श्रृंखला को अधिक लचीला, विविध और सुरक्षित बनाने तथा
  • व्यापारिक बाधाओं को कम करने की दिशा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

प्रमुख चर्चा बिंदु

विषयमुख्य फोकस
वैश्विक व्यापारबहुपक्षीय सहयोग और व्यापार वृद्धि
निवेशसदस्य देशों के बीच निवेश प्रवाह बढ़ाना
आपूर्ति श्रृंखलालचीली और विविध सप्लाई चेन
MSMEवैश्विक बाजारों तक पहुंच
डिजिटल कॉमर्सई-कॉमर्स और डिजिटल व्यापार विस्तार
नई तकनीकAI और क्वांटम कंप्यूटिंग आधारित विकास

भारत की BRICS अध्यक्षता को मिला नया आयाम

  • यह बैठक भारत की BRICS अध्यक्षता 2026 के तहत एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।
  • इससे न केवल सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूती मिलेगी,
  • बल्कि विकसित भारत@2047 के दृष्टिकोण को भी गति मिलने की उम्मीद है।

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Edited by – Krishika Agarwal

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