गांव मंच, जयपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्यरत अग्रणी संस्था श्री कल्पतरु संस्थान द्वारा एक अभिनव एवं प्रेरणादायक पहल “सीड कलेक्शन प्रोग्राम – आम के आम, गुठलियों के दाम” प्रारंभ की जा रही है। इस अनूठे अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर के जूस विक्रेताओं, फल विक्रेताओं, होटलों एवं आमजन के सहयोग से फलों के बीजों (विशेष रूप से आम की गुठलियों) का वैज्ञानिक ढंग से संग्रहण करना है ताकि उन्हें पौधों में विकसित किया जा सके।
सामान्यतः ग्रीष्म ऋतु में लाखों टन फलों के बीज एवं गुठलियां उपयोग के बाद कचरे के डिब्बे में फेंक दी जाती हैं, जबकि उचित संरक्षण, वैज्ञानिक संवर्धन एवं जन-भागीदारी के माध्यम से इन्हें लाखों नए जीवनदायी पौधों में परिवर्तित किया जा सकता है।
‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा पर आधारित महायज्ञ
श्री कल्पतरु संस्थान का यह प्रयास पूरी तरह से “वेस्ट टू वेल्थ” (अपशिष्ट से उपयोगी संसाधन निर्माण) की वैश्विक अवधारणा पर आधारित है।
- हरित संपदा में बदलाव: एकत्रित की गई गुठलियों एवं बीजों से संस्थान की नर्सरी में तैयार होने वाले पौधों को समाज के विभिन्न वर्गों, सरकारी व निजी विद्यालयों, ग्रामीण क्षेत्रों और पर्यावरण प्रेमियों को पौधारोपण हेतु बिल्कुल निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
- नागरिकों से विशेष अपील: संस्थान ने सभी जागरूक नागरिकों, युवाओं, स्वयंसेवकों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे इस जन-आंदोलन से जुड़ें और जैविक अपशिष्ट (Organic Waste) को हरित संपदा में बदलने में अपना बहुमूल्य योगदान दें।

बीज दीजिए और मुफ्त में सुंदर पौधा ले जाइए!
अभियान को जमीनी स्तर पर बेहद लोकप्रिय और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से संस्थान “बीज दो, पौधा लो” की अनूठी नीति के साथ कार्य कर रहा है। इस अभियान के अंतर्गत जो भी व्यक्ति, बच्चा या संस्था कल्पतरु संस्थान को फलों के बीज अथवा आम की गुठलियां लाकर सौंपेगा, उसे संस्थान की ओर से तुरंत एक निःशुल्क पौधा भेंट किया जाएगा। इससे आमजन में न केवल बीज बचाने की आदत विकसित होगी, बल्कि वे स्वयं अपने हाथों से नया पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण के इस महायज्ञ के सक्रिय भागीदार बन सकेंगे।
करोड़ों बीज एकत्रित कर हरियाली बढ़ाने का लक्ष्य
“‘ट्री मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से विख्यात सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद् विष्णु लांबा ने अभियान के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि ‘सीड कलेक्शन प्रोग्राम – आम के आम, गुठलियों के दाम’ महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह प्रकृति संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सदुपयोग और जनसहभागिता के माध्यम से एक समृद्ध और हरित भारत के निर्माण की दिशा में बढ़ाया गया एक सशक्त कदम है।” — विष्णु लांबा, ट्री मैन ऑफ इंडिया
श्री कल्पतरु संस्थान की महिला शाखा की सक्रिय वालंटियर मितभाषी डाल ने बताया कि इस अभियान को इस बार देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में एक साथ व्यापक स्तर पर शुरू किया जा रहा है। संस्थान को पूर्ण विश्वास है कि इस अनूठी मुहिम के जरिए इस वर्ष देश भर से करोड़ों की संख्या में फलों के बीज एकत्रित किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि श्री कल्पतरु संस्थान पिछले 31 वर्षों से लगातार पर्यावरण क्षेत्र में सक्रिय है और अब तक डेढ़ करोड़ से अधिक पौधे लगाकर उन्हें पूरी तरह से संरक्षित करने का अनूठा विश्व कीर्तिमान अपने नाम दर्ज करा चुका है।

Outbound Links (महत्वपूर्ण कड़ियां)
- भारत सरकार के पर्यावरण सुधारों, राष्ट्रीय वनीकरण कार्यक्रमों और सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध से जुड़े नीतिगत दस्तावेजों को पढ़ने के लिए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के आधिकारिक वेब पोर्टल पर विजिट करें।
- राजस्थान में हरित क्षेत्र (Green Cover) को बढ़ाने के लिए चल रहे ‘हरियालो राजस्थान’ मिशन, सरकारी नर्सरियों से रियायती दरों पर मिलने वाले पौधों और वन्यजीव संरक्षण की जानकारी के लिए वन विभाग, राजस्थान सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
राजस्थान में पंचायतों, ग्राम सभाओं और ग्रामीण योजनाओं से जुड़ी ताज़ा खबरें गाँव मंच के किसान सेक्शन में भी उपलब्ध हैं।
नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।


