गावं मंच डेस्क, बेंगलुरु/जयपुर, 26 अप्रैल। बेंगलुरु स्थित कर्नाटक लोकभवन में राजस्थान राज्य स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने कार्यक्रम में शिरकत की और प्रवासी राजस्थानियों को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान का स्थापना दिवस केवल एक तारीख नहीं है। यह राज्य की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और एकता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अब यह दिवस अंग्रेजी कैलेंडर की बजाय भारतीय पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाने की पहल की है।
प्रवासी राजस्थानियों की भूमिका अहम
मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों को राज्य का सांस्कृतिक दूत बताया। उन्होंने कहा कि वे अपनी माटी से दूर रहकर भी परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं।
इसके साथ ही, उन्होंने “कर्मभूमि से जन्मभूमि” जैसे अभियानों में प्रवासियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उनका योगदान राज्य के विकास में महत्वपूर्ण बताया गया।

एग्रीटेक मीट में भाग लेने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों को आगामी ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। यह आयोजन 23 से 25 मई तक Jaipur में आयोजित होगा।
उन्होंने कहा कि यह मंच कृषि, तकनीक और निवेश को जोड़ने का अवसर देगा। इससे राज्य के किसानों और उद्यमियों को नई संभावनाएं मिलेंगी।
प्रवासी दिवस का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 दिसंबर 2025 को जयपुर में पहला प्रवासी राजस्थानी दिवस आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य देश-विदेश में रहने वाले राजस्थानियों को एक मंच पर लाना था।
गणमान्य लोगों की उपस्थिति
कार्यक्रम में Thawar Chand Gehlot सहित बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी मौजूद रहे। समारोह में सांस्कृतिक जुड़ाव और राज्य के विकास पर चर्चा की गई।
- राजस्थान सरकार आधिकारिक वेबसाइट: https://rajasthan.gov.in
- ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट: https://risingrajasthan.rajasthan.gov.in
- भारत सरकार (Culture): https://indiaculture.gov.in
- कर्नाटक राजभवन: https://rajbhavan.karnataka.gov.in
राजस्थान में पंचायतों, ग्राम सभाओं और ग्रामीण योजनाओं से जुड़ी ताज़ा खबरें गाँव मंच के किसान सेक्शन में भी उपलब्ध हैं।


