गांव मंच डेस्क, भारत के खाद्य तेल आयात में सितंबर के दौरान गिरावट दर्ज की गई। कुल आयात 7 प्रतिशत घटकर 15.44 लाख टन रह गया। इसकी प्रमुख वजह कच्चे सूरजमुखी तेल की कम आपूर्ति रही। आयात में यह कमी घरेलू खाद्य तेल बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत है।
सितंबर में खाद्य तेल आयात घटा
भारत अपनी खाद्य तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। ऐसे में आयात के आंकड़ों में बदलाव का सीधा महत्व है। सितंबर में कुल आयात में 7 प्रतिशत की गिरावट सामने आई। यह आंकड़ा पिछले तुलनात्मक आंकड़े के मुकाबले कम आयात दर्शाता है। हालांकि, केवल एक महीने की गिरावट से बाजार का रुख तय नहीं होता।
कच्चे सूरजमुखी तेल की कम आपूर्ति बनी प्रमुख वजह
आयात में गिरावट के पीछे कच्चे सूरजमुखी तेल की कम खेप प्रमुख कारण रही। सूरजमुखी तेल भारतीय उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रिय खाद्य तेलों में शामिल है। इसकी उपलब्धता अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति और व्यापारिक परिस्थितियों से प्रभावित होती है।
घरेलू बाजार और उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर?

- खाद्य तेलों का आयात घटने से कीमतों पर स्वतः दबाव नहीं पड़ता।
- घरेलू उत्पादन, मांग और अंतरराष्ट्रीय कीमतें भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- रुपये की विनिमय दर और आयात लागत का भी असर होता है।
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Edited by- Krishika Agarwal


