गाँव मंच डेस्क, जयपुर। ब्लड कैंसर कई प्रकार का होता है। इसके लक्षण बीमारी के अनुसार अलग होते हैं। समय पर पहचान और सही उपचार से मरीजों के परिणाम बेहतर हो सकते हैं। ब्लड कैंसर में ल्यूकेमिया, लिम्फोमा और मल्टीपल मायलोमा शामिल हैं। सितंबर को ब्लड कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है।
लगातार थकान और कमजोरी को नजरअंदाज नहीं करें
ब्लड कैंसर के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। लगातार थकान और कमजोरी इसके संकेत हो सकते हैं। रक्त की कमी और बिना कारण वजन घटना भी दिख सकता है। बार-बार बुखार और संक्रमण की समस्या हो सकती है। रात में ज्यादा पसीना भी एक संकेत हो सकता है। शरीर पर आसानी से नीले निशान बन सकते हैं।

- डॉ. शेखावत के अनुसार उपचार बीच में नहीं छोड़ना चाहिए।
- दवाओं का सेवन भी नियमित रखना जरूरी है।
- कैंसर मुक्त होने के बाद फॉलोअप जरूरी रहता है। नियमित जांच से स्वास्थ्य की निगरानी संभव होती है।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेना जरूरी है। किसी भी असामान्य लक्षण पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
- समय पर जांच और नियमित फॉलोअप उपचार के परिणामों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आधुनिक उपचार से बढ़े विकल्प
डॉ. प्रकाश सिंह शेखावत के अनुसार उपचार में प्रगति हुई है। बीमारी के अनुसार कई उपचार विकल्प उपलब्ध हैं। इनमें कीमोथेरेपी और टार्गेटेड थेरेपी शामिल हैं। इम्यूनोथेरेपी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट भी विकल्प हैं। कुछ मरीजों के लिए CAR-T सेल थेरेपी उपयोगी हो सकती है। CAR-T थेरेपी में मरीज की T-सेल्स ली जाती हैं।
Edited by- Krishika Agarwal


