गांव मंच डेस्क, इंदौर मध्य प्रदेश का इंदौर शहर इस समय वैश्विक कृषि चर्चा का केंद्र बना हुआ है। भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत 9 से 13 जून 2026 तक यहां BRICS कृषि बैठक आयोजित की जा रही है। इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में सदस्य देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। बैठक का उद्देश्य कृषि क्षेत्र की साझा चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करना है।
9 से 11 जून तक कृषि कार्य समूह (Agriculture Working Group) की बैठकें होंगी। इसके बाद 12 और 13 जून को कृषि मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे वैश्विक कृषि सहयोग के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया है।
खाद्य सुरक्षा और किसान कल्याण पर रहेगा फोकस
बैठक में खाद्य सुरक्षा सबसे अहम मुद्दों में शामिल है। इसके साथ ही किसान कल्याण, पोषण सुरक्षा और टिकाऊ कृषि पर भी चर्चा होगी। BRICS देशों के प्रतिनिधि जलवायु परिवर्तन से कृषि पर पड़ने वाले प्रभावों और उनसे निपटने के उपायों पर विचार-विमर्श करेंगे।इसके अलावा कृषि आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने और कृषि व्यापार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इन चर्चाओं से सदस्य देशों को बेहतर कृषि नीतियां बनाने में मदद मिलेगी।

स्मार्ट खेती और तकनीक बनेगी चर्चा का केंद्र
इस बार बैठक का एक बड़ा विषय स्मार्ट खेती है। कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, डिजिटल कृषि और प्रिसिजन फार्मिंग के बढ़ते उपयोग पर विशेष चर्चा होगी।विशेषज्ञ यह साझा करेंगे कि नई तकनीकें किसानों की लागत कैसे कम कर सकती हैं। साथ ही उत्पादन बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग में इनकी क्या भूमिका हो सकती है। बदलती जलवायु और बढ़ती खाद्य मांग के बीच तकनीक को कृषि का भविष्य माना जा रहा है।
वैश्विक कृषि सहयोग में भारत की बढ़ती भूमिका
यह सम्मेलन वैश्विक कृषि मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाता है। BRICS समूह में अब 11 सदस्य देश शामिल हैं। ये देश दुनिया की बड़ी आबादी, कृषि भूमि और खाद्य उत्पादन का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में यहां लिए गए फैसले वैश्विक कृषि नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।इंदौर में आयोजित यह बैठक कृषि क्षेत्र में नवाचार, सहयोग और सतत विकास को नई दिशा देने की उम्मीद जगाती है। सम्मेलन के अंत में एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी होने की संभावना है। इसमें खाद्य सुरक्षा, किसान कल्याण, जलवायु-अनुकूल खेती और तकनीकी नवाचार से जुड़े साझा संकल्प शामिल हो सकते हैं।
Edited by- Krishika Agarwal


