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ओडिशा के सुंदरगढ़ के किसान हिरोद पटेल ने अपनाई विविध खेती

गांव मंच, जयपुर। ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के किसान हिरोद पटेल ने यह साबित कर दिया है कि खेती में नई सोच और सही योजना किसानों की आय बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। एक समय था जब वह पारंपरिक खेती पर निर्भर थे, लेकिन मौसम की अनिश्चितता और बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव के कारण उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा था। ऐसे में उन्होंने विविध खेती (Diversified Farming) का मॉडल अपनाया और आज उनकी पहचान एक सफल किसान के रूप में हो रही है।

एक फसल के बजाय कई फसलों पर दिया ध्यान

हिरोद पटेल ने खेती में जोखिम को कम करने के लिए केवल एक फसल पर निर्भर रहना छोड़ दिया। उन्होंने अपने खेत में केले, पपीते, विभिन्न प्रकार की सब्जियां और फूलों की खेती शुरू की। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि उन्हें सालभर अलग-अलग फसलों से आय मिलने लगी।

जब किसी एक फसल की बाजार कीमत कम होती है, तब दूसरी फसल से होने वाली कमाई उनकी आय को संतुलित बनाए रखती है। इससे खेती अधिक सुरक्षित और लाभदायक बन गई है। विविध खेती से किसान की आय

विविध खेती अपनाकर केले, पपीते और सब्जियों की खेती करते किसान हिरोद पटेल।

खेत तालाब बना सफलता की मजबूत नींव

हिरोद पटेल ने अपने खेत में एक तालाब भी तैयार किया है। इस तालाब में वर्षा जल का संग्रह किया जाता है, जिसका उपयोग जरूरत पड़ने पर सिंचाई के लिए किया जाता है। इससे पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ता और फसलों की वृद्धि बेहतर होती है।

खेत तालाब की मदद से सिंचाई की लागत में भी कमी आई है। साथ ही, सूखे या कम बारिश की स्थिति में भी उनकी फसलें सुरक्षित रहती हैं। यही कारण है कि उनकी खेती पहले की तुलना में अधिक टिकाऊ बन गई है। विविध खेती से किसान की आय

किसानों के लिए क्यों है यह मॉडल फायदेमंद?

विशेषज्ञों का मानना है कि विविध खेती किसानों के लिए जोखिम कम करने का एक प्रभावी तरीका है। इससे आय के कई स्रोत बनते हैं और बाजार की अनिश्चितताओं का असर कम होता है। फल, सब्जियां और फूल जैसी अलग-अलग फसलों की खेती किसानों को नियमित नकदी प्रवाह भी उपलब्ध कराती है।

इसके अलावा, पानी और भूमि जैसे संसाधनों का बेहतर उपयोग भी संभव हो पाता है। यही वजह है कि देश के कई हिस्सों में किसान अब इस मॉडल की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

अन्य किसानों के लिए प्रेरणा

हिरोद पटेल की सफलता की कहानी बताती है कि खेती में छोटे-छोटे बदलाव भी बड़े परिणाम दे सकते हैं। सही फसल चयन, जल संरक्षण और आय के कई स्रोत तैयार करके किसान अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकते हैं। उनकी यह पहल आज आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है और यह संदेश देती है कि आधुनिक सोच के साथ खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

ICAR (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद)
Department of Agriculture & Farmers Welfare

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