गांव मंच डेस्क, 5 जून 2026 | दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार केरल में दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून सामान्य तिथि से तीन दिन देरी से पहुंचा है, लेकिन यह देरी सामान्य मानी जा रही है। इसके साथ ही देश में बारिश के मौसम की औपचारिक शुरुआत हो गई है। किसानों को अब अच्छी बारिश और बेहतर खरीफ सीजन की उम्मीद है।
तेजी से आगे बढ़ रहा है मानसून
आईएमडी के मुताबिक, मौसम की परिस्थितियां मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल बनी हुई हैं। अगले दो से तीन दिनों में इसके गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि यही रफ्तार बनी रही तो जून के मध्य तक मानसून देश के बड़े हिस्से को कवर कर सकता है।
नोएडा और आसपास के इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। मौसम विभाग का अनुमान है कि 6 जून तक बारिश और बादलों का सिलसिला जारी रह सकता है।दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मिली राहत
दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मिली राहत
मानसून की सक्रियता का असर उत्तर भारत में भी देखने को मिल रहा है। दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में गुरुवार को तेज बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। मौसम विभाग ने 4 और 5 जून के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मिली राहतदिल्ली-एनसीआर में बारिश से मिली राहत
तेलंगाना में खत्म हुआ लू का दौर
पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे तेलंगाना के लोगों को भी राहत मिली है। मौसम विभाग ने राज्य में जारी सभी हीटवेव अलर्ट वापस ले लिए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वातावरण में नमी बढ़ने और मौसम प्रणाली में बदलाव के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

तमिलनाडु और चेन्नई के लिए भी अलर्ट
तमिलनाडु के कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, तेनकासी समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने बताया है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने से अगले पांच दिनों तक इन क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है।
वहीं चेन्नई और उसके आसपास के इलाकों में अगले 24 घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मानसून?
देश की कृषि व्यवस्था काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है। धान, मक्का, सोयाबीन, कपास, बाजरा और दालों जैसी खरीफ फसलों की बुवाई इसी मौसम में होती है। ऐसे में मानसून का समय पर और अच्छी बारिश के साथ आना किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी, जिससे बुवाई का काम तेज होगा। यदि जून और जुलाई में सामान्य या उससे बेहतर बारिश होती है तो इस बार खरीफ उत्पादन भी बेहतर रहने की संभावना है।
IMD का आगे का अनुमान?
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। दक्षिण और पश्चिम भारत में भारी बारिश के साथ-साथ उत्तर और मध्य भारत में भी गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है।
फिलहाल मानसून ने अपनी दस्तक दे दी है और इसके साथ ही किसानों, आम लोगों और बाजारों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले हफ्तों में मानसून कितनी रफ्तार और कितनी मेहरबानी दिखाता है।


